डिंडौरी। जिले के शहपुरा जनपद क्षेत्र अंतर्गत ग्राम मोहनीमाल स्थित आंगनवाड़ी परिसर में लगे रतनजोत के पौधों के बीज खाने से बीमार हुए दोनों बच्चों को चिकित्सकों ने बेहतर उपचार के लिए देर रात जबलपुर रेफर कर दिया। घटना के बाद से परिजनों में चिंता का माहौल है। वहीं, हैरानी की बात यह है कि दो बच्चों के बीमार होने के बावजूद अब तक आंगनवाड़ी परिसर में लगे रतनजोत के पौधों को नहीं हटाया गया है।
परिजनों से प्राप्त जानकारी के अनुसार, बुधवार को आंगनवाड़ी केंद्र पहुंचे बच्चों ने परिसर में लगे रतनजोत के पौधों से बीज तोड़कर खा लिए थे। इसके बाद बच्चे घर पहुंचे, जहां उनकी तबीयत बिगड़ने पर परिजनों को घटना की जानकारी हुई। आनन-फानन में दोनों बच्चों को उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया गया। चिकित्सकों ने प्राथमिक उपचार के बाद बच्चों की स्थिति को देखते हुए देर रात उन्हें जबलपुर रेफर कर दिया।
घटना के बाद भी परिसर में मौजूद हैं रतनजोत के पौधे
इस घटना के बाद भी आंगनवाड़ी परिसर में रतनजोत के पौधों का लगे रहना जिम्मेदारों की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर रहा है। छोटे बच्चों का नियमित रूप से आंगनवाड़ी केंद्र में आना-जाना रहता है। ऐसे में परिसर में मौजूद रतनजोत के बीज अन्य बच्चों के लिए भी खतरा बन सकते हैं। सवाल यह है कि दो बच्चों के बीमार होने के बाद भी पौधों को तत्काल क्यों नहीं हटाया गया?
एसडीएम ने दिया पौधे हटवाने का आश्वासन
मामले को लेकर एसडीएम ने कहा कि तहसीलदार को मौके पर भेजकर आंगनवाड़ी परिसर में लगे रतनजोत के पौधों को हटवाया जाएगा। अब देखना होगा कि प्रशासन द्वारा कितनी जल्दी कार्रवाई की जाती है, ताकि भविष्य में इस तरह की घटना की पुनरावृत्ति न हो और आंगनवाड़ी आने वाले बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।











