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आयुष्मान फर्जीवाड़ा: शहपुरा जेएमएफसी के बाद डिंडौरी द्वितीय अपर सत्र न्यायालय से भी छह आरोपियों की जमानत खारिज

Kashi Agrawal

डिंडौरी।आयुष्मान भारत योजना के नाम पर ग्रामीणों के साथ कथित धोखाधड़ी और शासकीय राशि के गबन के मामले में छह आरोपियों को न्यायालय से लगातार दूसरा झटका लगा है। न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी (जेएमएफसी), शहपुरा के बाद अब माननीय द्वितीय अपर सत्र न्यायाधीश, डिंडौरी ने भी सभी छह आरोपियों की नियमित जमानत याचिकाएं खारिज कर दी हैं। न्यायालय के इस फैसले से मामले में आरोपियों को फिलहाल कोई राहत नहीं मिल सकी है।

31 अक्टूबर को पकड़े गए थे आरोपी

सहायक मीडिया सेल प्रभारी एवं एडीपीओ प्रमोद कुमार पटेल द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, शहपुरा पुलिस ने अपराध क्रमांक 624/2026 के तहत उमेश मिश्रा सहित छह आरोपियों के विरुद्ध धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया है। आरोपियों में जबलपुर स्थित सुखसागर मेडिकल कॉलेज से जुड़े प्रचारक एवं ड्राइवर शामिल हैं।

मामले के अनुसार, 31 अक्टूबर 2026 को आरोपी शहपुरा क्षेत्र के ग्रामीणों को मुफ्त इलाज का लालच देकर बिना प्रशासनिक अनुमति के जबलपुर ले जा रहे थे। प्रशासनिक कार्रवाई के दौरान ग्रामीणों से भरी बस और प्रचार वाहन को रोका गया था। इसके बाद खंड चिकित्सा अधिकारी (बीएमओ) की जांच में खुलासा हुआ कि ग्रामीणों को कोई गंभीर बीमारी नहीं थी। आरोप है कि आयुष्मान कार्ड का इस्तेमाल कर फर्जी उपचार दर्शाते हुए शासन से राशि प्राप्त करने की तैयारी थी।

अभियोजन की दलीलों पर न्यायालय ने नहीं दी राहत

न्यायालय में अपर लोक अभियोजक आर.के. दुबे ने आरोपियों की जमानत याचिकाओं का विरोध किया। अभियोजन पक्ष ने मामले को सुनियोजित आर्थिक एवं सामाजिक अपराध बताते हुए कहा कि आरोपियों ने स्वास्थ्य विभाग का कर्मचारी बनकर ग्रामीणों को गुमराह किया और उनके जीवन एवं स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ किया। अपराध की गंभीरता तथा साक्ष्यों से छेड़छाड़ की आशंका को देखते हुए न्यायालय ने छह आरोपियों की नियमित जमानत याचिकाएं निरस्त कर दीं।

लगातार दो न्यायालयों से झटका, जांच पर टिकी निगाहें

इस मामले में पहले शहपुरा जेएमएफसी न्यायालय से आरोपियों को जमानत नहीं मिली और अब डिंडौरी के द्वितीय अपर सत्र न्यायालय ने भी राहत देने से इनकार कर दिया है। लगातार दो न्यायालयों से जमानत खारिज होने के बाद अब पुलिस जांच और कथित नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका पर निगाहें टिकी हैं। बड़ा सवाल यह है कि आयुष्मान कार्ड के जरिए सरकारी राशि के कथित गबन की इस कोशिश के पीछे और कौन-कौन शामिल था?

 

 

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Kashi Agrawal
Kashi Agrawal

मैं काशी अग्रवाल हूँ, पिछले 17 वर्षों से मैं पेशेवर रूप से समाचार-आधारित सामग्री लिखने के लिए समर्पित हूँ। मीडिया भारत का महत्वपूर्ण अंग है,The Narmada Express इस अंग को और मजबूत बनाने के लिए सच को लेकर काम करता है हमारा उद्देश्य आप तक सिर्फ सच को समय पर पहुचाना है हम निडर और निष्पक्ष होकर काम करने मे विश्वास करते है The Narmada Express आमजन की समस्याओं को समाज के बीच प्रमुखता से रखता है।

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