डिंडौरी।कलेक्टर श्रीमती अंजू पवन भदौरिया की अध्यक्षता में सोमवार को कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित साप्ताहिक समय-सीमा बैठक में विभिन्न विभागों की योजनाओं, विकास कार्यों एवं जनहित से जुड़े प्रकरणों की विस्तृत समीक्षा की गई। बैठक में जिला पंचायत सीईओ दिव्यांशु चौधरी, अपर कलेक्टर जे.पी. यादव सहित सभी एसडीएम, डिप्टी कलेक्टर एवं जिला अधिकारी उपस्थित रहे।
बैठक में कलेक्टर ने अधिकारियों को शासन की प्राथमिकता वाली योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने, निर्धारित लक्ष्यों को समय-सीमा में पूरा करने तथा आमजन से जुड़े सभी प्रकरणों का त्वरित, गुणवत्तापूर्ण एवं संतोषजनक निराकरण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता आमजन को समय पर सेवाएं उपलब्ध कराना और योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना है।
कलेक्टर ने बताया कि जिले में जनविश्वास अभियान की शुरुआत 7 अगस्त 2026 से अमरपुर क्षेत्र से होगी। यह अभियान प्रत्येक शुक्रवार आयोजित किया जाएगा और 8 जनवरी 2027 तक लगातार संचालित रहेगा। अभियान के तहत अधिकारी स्वयं गांवों में पहुंचकर आमजन से सीधा संवाद करेंगे, उनकी शिकायतें सुनेंगे और मौके पर ही अधिकतम मामलों का निराकरण करेंगे।
उन्होंने निर्देश दिए कि मुख्यमंत्री हेल्पलाइन, जनसुनवाई, लोक सेवा गारंटी, राजस्व प्रकरण, सामाजिक सुरक्षा योजनाओं सहित सभी लंबित शिकायतों का प्राथमिकता के आधार पर शत-प्रतिशत निराकरण सुनिश्चित किया जाए। साथ ही अविवादित नामांतरण, सीमांकन, बंटवारा, किसान संबंधी प्रकरण, फार्मर आईडी, आयुष्मान कार्ड, प्रधानमंत्री आवास योजना, जल जीवन मिशन तथा सामाजिक सुरक्षा एवं दिव्यांग पेंशन जैसी योजनाओं का लाभ पात्र हितग्राहियों तक पहुंचाने पर विशेष जोर दिया।
मुख्यमंत्री हेल्पलाइन की विभागवार समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने 50 से 100 दिवस तक लंबित शिकायतों के गुणवत्तापूर्ण एवं संतोषजनक निराकरण के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि किसी भी विभाग में अनावश्यक रूप से शिकायतें लंबित नहीं रहनी चाहिए।
बैठक में आगामी 15 अगस्त स्वतंत्रता दिवस समारोह की तैयारियों की भी समीक्षा की गई। संबंधित विभागों को सभी व्यवस्थाएं समय पर पूर्ण करने, विभागीय उपलब्धियों का अद्यतन विवरण तैयार रखने तथा कार्यक्रम के सफल आयोजन के लिए समन्वय के साथ कार्य करने के निर्देश दिए गए।पशुपालन विभाग की समीक्षा के दौरान कलेक्टर ने पशुओं के टीकाकरण अभियान को और प्रभावी बनाने, संक्रामक रोगों की रोकथाम, कृत्रिम गर्भाधान कार्यक्रम में प्रगति, उन्नत नस्ल के पशुओं के संवर्धन तथा पशुपालकों को किसान क्रेडिट कार्ड एवं अन्य विभागीय योजनाओं का लाभ दिलाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए पशुपालन विभाग मैदानी स्तर पर सक्रिय रहकर पशुपालकों को तकनीकी मार्गदर्शन एवं बेहतर सेवाएं उपलब्ध कराए।









