डिंडौरी। जिले में मादक पदार्थों के दुरुपयोग और अवैध कारोबार पर रोक लगाने के लिए प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। कलेक्टर श्रीमती अंजू पवन भदौरिया की अध्यक्षता में बुधवार को आयोजित नारकोटिक्स संबंधी बैठक में युवाओं एवं विद्यार्थियों को नशे से दूर रखने के लिए जागरूकता गतिविधियों को प्रभावी बनाने के निर्देश दिए गए।बैठक में पुलिस अधीक्षक आशीष खरे, अपर कलेक्टर जेपी यादव, एसडीओपी सतीश द्विवेदी सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।
कलेक्टर ने जिले में ‘रोको-टोको अभियान’ को प्रभावी रूप से संचालित करने के निर्देश देते हुए सभी विद्यालयों, महाविद्यालयों, उच्च शिक्षण संस्थानों एवं छात्रावासों में नशा विरोधी बैनर और फ्लेक्स अनिवार्य रूप से लगाने को कहा। बैनर एवं फ्लेक्स में नशे से होने वाली शारीरिक, मानसिक और सामाजिक हानियों के साथ नशे से दूर रहने के संदेश प्रमुखता से प्रदर्शित किए जाएंगे।उन्होंने शिक्षण संस्थानों में नशामुक्ति की शपथ, जागरूकता कार्यक्रम, रैली, परिचर्चा और पोस्टर प्रतियोगिता जैसी गतिविधियां नियमित रूप से आयोजित करने के निर्देश भी दिए।
100 गज के दायरे में तंबाकू बिक्री पर कार्रवाई
कलेक्टर ने शिक्षण संस्थानों के 100 गज के दायरे में तंबाकू एवं तंबाकू उत्पादों की बिक्री पर प्रतिबंध का कड़ाई से पालन सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को नियमित निरीक्षण करने तथा नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर नियमानुसार कार्रवाई करने को कहा।उन्होंने नाबालिगों एवं विद्यार्थियों तक तंबाकू और अन्य नशीले पदार्थों की पहुंच रोकने को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए।
अवैध कारोबार और परिवहन पर बढ़ेगी निगरानी
कलेक्टर ने जिले में नशीले पदार्थों के अवैध कारोबार, बिक्री और परिवहन में संलिप्त व्यक्तियों के विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई करने तथा संवेदनशील क्षेत्रों में निगरानी बढ़ाने के निर्देश दिए।उन्होंने कहा कि नशामुक्त समाज के निर्माण के लिए प्रशासन के साथ शिक्षक, अभिभावक, विद्यार्थी, सामाजिक संगठन और आम नागरिकों की सक्रिय भागीदारी जरूरी है। सभी विभाग आपसी समन्वय से नशे के विरुद्ध जागरूकता और कार्रवाई की गतिविधियों को निरंतर प्रभावी रूप से संचालित करें।








