न्यायालय के आदेश के पालन में देरी से परेशान वृद्ध महिला ने SDM शहपुरा से लगाई गुहार, पटवारी के विरुद्ध कार्रवाई की मांग
डिंडौरी।शहपुरा तहसील क्षेत्र में जमीन के नक्शा तरमीम का मामला पांच माह बाद भी लंबित रहने का आरोप सामने आया है। ग्राम देवरी कला निवासी एक वृद्ध महिला ने अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) शहपुरा को आवेदन सौंपकर न्यायालय के आदेश का पालन कराने और संबंधित हल्का पटवारी के विरुद्ध कार्रवाई की मांग की है। महिला ने पटवारी पर नक्शा तरमीम के एवज में पांच हजार रुपये मांगने का भी आरोप लगाया है।
आवेदन के अनुसार, आवेदिका सुखमत बाई, पति कांशीराम, निवासी ग्राम देवरी कला, तहसील शहपुरा की निजी भूमि ग्राम देवरी कला में स्थित है। भूमि खसरा नंबर 600/5, रकबा 0.0600 हेक्टेयर बताई गई है। महिला का कहना है कि उसने उक्त भूमि पंजीकृत विक्रय पत्र के माध्यम से खरीदी थी। पंजीकृत दस्तावेज में भूमि की चतुर्सीमा स्पष्ट रूप से दर्शाई गई है, लेकिन भूमि का नक्शा बंटांकन नहीं हुआ था।
न्यायालय के आदेश के बाद भी कार्रवाई लंबित
आवेदन में उल्लेख किया गया है कि नक्शा तरमीम के लिए न्यायालय नायब तहसीलदार वृत्त रयपुरा के समक्ष प्रकरण क्रमांक 0010/ब-121/2025-26 में आवेदन प्रस्तुत किया गया था। इसके बाद हल्का पटवारी द्वारा 19 सितंबर 2025 को पंचनामा एवं नक्शा तैयार किया गया तथा 25 सितंबर 2025 को मौके की जांच संबंधी प्रतिवेदन न्यायालय में प्रस्तुत किया गया।
महिला के अनुसार, न्यायालय नायब तहसीलदार ने 6 मार्च 2026 को आदेश पारित कर हल्का पटवारी को अभिलेख दुरुस्त कर प्रतिवेदन प्रस्तुत करने के निर्देश दिए थे। इसके बावजूद आवेदन दिनांक 5 अक्टूबर 2026 तक नक्शा तरमीम की कार्रवाई पूरी नहीं होने का आरोप लगाया गया है।
पांच हजार रुपये मांगने का आरोप
आवेदिका ने अपने आवेदन में आरोप लगाया है कि संबंधित हल्का पटवारी द्वारा नक्शा तरमीम करने के लिए पांच हजार रुपये की मांग की जा रही है। महिला का कहना है कि उसे राजस्व निरीक्षक एवं तहसीलदार को खर्च देने की बात कहकर पैसे मांगे जा रहे हैं। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और संबंधित पटवारी का पक्ष सामने आना बाकी है।
एसडीएम से कार्रवाई और नक्शा तरमीम कराने की मांग
आवेदन में महिला ने स्वयं को गरीब एवं वृद्ध बताते हुए कहा है कि वह कई बार नक्शा तरमीम कराने के लिए पटवारी के पास जा चुकी है, लेकिन समस्या का समाधान नहीं हुआ। न्यायालय के आदेश के बावजूद कार्रवाई लंबित रहने से उसे परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।आवेदिका ने एसडीएम शहपुरा से मांग की है कि उसके आवेदन पर कार्रवाई करते हुए संबंधित पटवारी के विरुद्ध नियमानुसार जांच एवं कानूनी कार्रवाई की जाए तथा न्यायालय के आदेश दिनांक 6 मार्च 2026 के अनुसार भूमि का नक्शा तरमीम कराया जाए। अब देखना होगा कि प्रशासन इस शिकायत पर क्या कार्रवाई करता है।









