डिंडोरी। जिले के शहपुरा नगर के मध्य स्थित रानी दुर्गावती स्टेडियम इन दिनों खेल गतिविधियों से अधिक शराबखोरी के कारण चर्चा में है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि शाम होते ही स्टेडियम परिसर असामाजिक तत्वों का अड्डा बन जाता है, जहां खुलेआम शराब का सेवन किया जाता है। इससे खिलाड़ियों, बच्चों और आम नागरिकों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
टूटी कांच की बोतलें बनीं खिलाड़ियों के लिए खतरा
शराब सेवन के बाद कई लोग कांच की बोतलों को मैदान और दर्शक दीर्घा में ही तोड़ देते हैं या वहीं छोड़कर चले जाते हैं। मैदान और स्टैंड में जगह-जगह बिखरे कांच के टुकड़े खिलाड़ियों और बच्चों के लिए खतरा बने हुए हैं। खेल अभ्यास के दौरान चोट लगने की आशंका लगातार बनी रहती है।
नौनिहालों के भविष्य से खिलवाड़
रानी दुर्गावती स्टेडियम में प्रतिदिन बड़ी संख्या में बच्चे क्रिकेट, कबड्डी, एथलेटिक्स सहित अन्य खेलों का अभ्यास करने पहुंचते हैं। लेकिन अव्यवस्था और शराबखोरी के माहौल के बीच उन्हें अपनी प्रैक्टिस जारी रखनी पड़ रही है। अभिभावकों का कहना है कि खेल मैदान का वातावरण बच्चों के लिए सुरक्षित और प्रेरणादायक होना चाहिए।

महिलाओं और मॉर्निंग-वॉक करने वालों की बढ़ी परेशानी
स्टेडियम में सुबह और शाम बड़ी संख्या में नागरिक टहलने और व्यायाम के लिए पहुंचते हैं। इनमें महिलाओं की संख्या भी काफी अधिक रहती है। शराबियों की मौजूदगी और गंदगी के कारण महिलाओं को असहजता का सामना करना पड़ता है, जिससे कई लोगों ने स्टेडियम आना भी कम कर दिया है।
सफाई और निगरानी व्यवस्था पर उठ रहे सवाल
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि स्टेडियम परिसर में नियमित साफ-सफाई और सुरक्षा व्यवस्था का अभाव दिखाई देता है। दर्शक दीर्घा और मैदान के आसपास शराब की खाली बोतलें, प्लास्टिक कचरा और अन्य गंदगी देखने को मिल रही है, जिससे खेल परिसर की बदहाल स्थिति उजागर हो रही है।
कलेक्टर और एसपी से कार्रवाई की मांग
स्थानीय लोगों, खिलाड़ियों और अभिभावकों ने जिला प्रशासन, कलेक्टर एवं पुलिस अधीक्षक से मांग की है कि स्टेडियम परिसर में नियमित पुलिस गश्त, सीसीटीवी निगरानी और सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते कदम नहीं उठाए गए तो किसी खिलाड़ी या बच्चे के साथ गंभीर दुर्घटना हो सकती है।
जनता के सवाल
खेल मैदान में आखिर शराबखोरी क्यों?
स्टेडियम की निगरानी कौन करेगा?
बच्चों की सुरक्षा की जिम्मेदारी किसकी?
कब मिलेगी खिलाड़ियों को सुरक्षित खेल सुविधा?











