डिंडोरी। जिले में निर्माण कार्यों की गुणवत्ता को लेकर कलेक्टर द्वारा लगातार अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए जा रहे हैं। इसके बावजूद जनपद पंचायत अमरपुर अंतर्गत एक ग्राम पंचायत में निर्मित पेयजल कूप को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि कूप का निर्माण सामान्य जलस्रोत की अपेक्षा जमीन के अंदर कम गहराई में और जमीन के ऊपर काफी ऊंचा किया गया है।
जानकारी के अनुसार हाट बाजार के पीछे नदी किनारे ग्राम पंचायत द्वारा निर्मल नीर कूप का निर्माण कराया गया है। मौके पर कूप का ऊपरी हिस्सा जमीन से करीब एक मीटर तक पत्थरों से ऊंचा नजर आता है। स्थिति यह है कि कूप के अंदर पानी देख पाना भी मुश्किल बताया जा रहा है। ऐसे में कूप से पानी निकालने की उपयोगिता को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं।
निर्माण स्थल पर कार्य से संबंधित सूचना पटल नहीं लगाए जाने के कारण योजना का नाम, स्वीकृत राशि, निर्माण लागत और अन्य जानकारी मौके पर उपलब्ध नहीं हो सकी। जानकारी लेने के लिए पंचायत भवन पहुंचने पर वहां ताला लगा मिला, जिससे संबंधित दस्तावेज अथवा जानकारी प्राप्त नहीं हो सकी।
मोटर से होगी पानी की सप्लाई : सीईओ
इस संबंध में जनपद पंचायत अमरपुर के सीईओ लोकेश नारनोरे ने बताया कि, “सुरक्षा की दृष्टि से कूप को ऊंचा किया गया है। यह निर्मल नीर कूप है और इसमें मोटर के माध्यम से पानी की सप्लाई की जानी है।”
अब सवाल यह है कि कूप की वास्तविक गहराई, निर्माण की तकनीकी स्वीकृति और निर्धारित मापदंडों के अनुरूप कार्य हुआ है या नहीं। ग्रामीणों ने मामले की तकनीकी जांच कराकर निर्माण की गुणवत्ता और उपयोगिता स्पष्ट करने की मांग की है।








