डिंडौरी। शहर की समस्याओं के समाधान में आम नागरिकों की सीधी भागीदारी सुनिश्चित करने के उद्देश्य से कलेक्टर श्रीमती अंजू पवन भदौरिया एक अभिनव पहल करने जा रही हैं। जिला प्रशासन द्वारा नर्मदा तट पर विशेष जन चौपाल का आयोजन किया जाएगा, जिसमें नगर परिषद के सभी 15 वार्डों के नागरिक, जनप्रतिनिधि और प्रशासनिक अधिकारी एक साथ बैठकर शहर की समस्याओं और उनके समाधान पर चर्चा करेंगे।
यह जन चौपाल पारंपरिक शिकायत निवारण बैठकों से अलग होगी। यहां केवल शिकायतें नहीं सुनी जाएंगी, बल्कि संबंधित वार्ड के नागरिकों से ही समस्याओं के व्यावहारिक समाधान, विकास की प्राथमिकताओं और आवश्यकताओं पर सुझाव लिए जाएंगे। प्रशासन इन सुझावों को आधार बनाकर वार्डवार कार्ययोजना तैयार करेगा।जन चौपाल में सड़क, नालियां, पेयजल, साफ-सफाई, बिजली, यातायात, स्ट्रीट लाइट सहित शहर की सभी प्रमुख समस्याओं पर विस्तार से चर्चा होगी। प्रत्येक सुझाव का दस्तावेजीकरण किया जाएगा और संबंधित विभागों को समयबद्ध कार्रवाई के लिए जिम्मेदारी सौंपी जाएगी।
जिला प्रशासन का मानना है कि किसी भी समस्या का स्थायी समाधान तभी संभव है, जब उससे प्रभावित लोगों की राय निर्णय प्रक्रिया का हिस्सा बने। इसी सोच के साथ यह जनभागीदारी आधारित पहल शुरू की जा रही है। यदि यह प्रयोग सफल रहता है तो डिंडौरी का यह मॉडल प्रदेश के अन्य जिलों के लिए भी प्रेरणादायक बन सकता है।
कलेक्टर ने कहा…
कलेक्टर श्रीमती अंजू पवन भदौरिया ने कहा कि जन चौपाल का उद्देश्य केवल समस्याएं सुनना नहीं, बल्कि जनता को उनके समाधान का सहभागी बनाना है। प्रत्येक वार्ड के नागरिक अपनी प्राथमिकताएं और सुझाव सीधे प्रशासन के सामने रखेंगे। प्राप्त सुझावों के आधार पर व्यवहारिक एवं जनहितकारी कार्ययोजना तैयार कर विकास कार्यों को प्राथमिकता के साथ अमल में लाया जाएगा। उन्होंने कहा कि प्रशासन चाहता है कि फैसले फाइलों में नहीं, बल्कि जनता के बीच और उनकी सहभागिता से लिए जाएं, जिससे शहर का विकास लोगों की वास्तविक जरूरतों के अनुरूप हो सके।









