डिंडौरी। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सेवा प्रकल्प जनजाति कल्याण केंद्र महाकौशल बरगांव द्वारा संघ के शताब्दी वर्ष के अवसर पर जनजातीय क्षेत्रों के 100 गांवों में सेवा कार्यों का विस्तार करने का संकल्प लिया गया है। इस लक्ष्य के तहत पंच परिवर्तन के पांच प्रमुख आयामों—सामाजिक समरसता, कुटुंब प्रबोधन, पर्यावरण संरक्षण, स्वदेशी और नागरिक कर्तव्य—को केंद्र में रखकर व्यापक जनजागरण एवं विकास कार्य संचालित किए जाएंगे।
जनजाति कल्याण केंद्र महाकौशल की साधारण सभा की बैठक केंद्र के केशव सभागार में आयोजित की गई। बैठक में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के अखिल भारतीय सह सेवा प्रमुख एवं केंद्र के मार्गदर्शक राजकुमार मटाले मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन के साथ किया गया।
बैठक में केंद्र की विभिन्न उपसमितियों द्वारा विगत वर्ष में किए गए कार्यों का प्रतिवेदन प्रस्तुत किया गया तथा आगामी वर्ष की कार्ययोजना पर विस्तार से चर्चा हुई। शिक्षा, स्वास्थ्य, स्वावलंबन, पर्यावरण संरक्षण और ग्राम विकास से जुड़े सेवा कार्यों के विस्तार पर विशेष जोर दिया गया।अपने संबोधन में राजकुमार मटाले ने कहा कि जनजाति समाज का विकास उसकी संस्कृति, परंपरा और प्राकृतिक जीवनशैली को सुरक्षित रखते हुए किया जाना चाहिए। उन्होंने सेवा कार्यों को ईश्वरीय कार्य बताते हुए कहा कि समाज के अधिक से अधिक लोगों को सेवा गतिविधियों से जोड़कर राष्ट्र निर्माण की दिशा में आगे बढ़ना चाहिए। उन्होंने जनजाति कल्याण केंद्र द्वारा संचालित सेवा गतिविधियों का विस्तार 100 गांवों तक करने का लक्ष्य निर्धारित करने का आह्वान किया।
बैठक में जनजातीय क्षेत्रों में शिक्षा एवं कौशल विकास, स्वास्थ्य एवं पोषण, सिकल सेल एनीमिया उन्मूलन, मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य, जैविक खेती, वनोपज आधारित आजीविका, जल-जंगल-जमीन संरक्षण तथा जनजातीय कला, संस्कृति और लोक परंपराओं के संरक्षण पर विशेष चर्चा की गई।इस अवसर पर मुंबई के अभिनेता ब्रजकिशोर तिवारी ने भी केंद्र के सेवा कार्यों की सराहना करते हुए जनजातीय क्षेत्रों के विकास में हरसंभव सहयोग का विश्वास दिलाया।कार्यक्रम में केंद्र के अध्यक्ष मनोहर लाल साहू, सचिव डॉ. सुनीलकांत बाजपेयी, कार्यकारिणी सदस्य एवं साधारण सभा के सदस्य बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। कार्यक्रम का समापन राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम्’ के साथ हुआ।









