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डिंडोरी में हाथियों का मूवमेंट, डीएफओ ने संभाला मोर्चा—ग्रामीणों से जनसंवाद, सुरक्षा पर फोकस

Kashi Agrawal

हाथी मित्र दल और रैपिड रिस्पांस टीम गठित, फसलों को नुकसान—वन अमला अलर्ट..डिंडोरी। पिछले तीन दिनों से वन परिक्षेत्र डिंडोरी के जंगल मे तीन जंगली हाथियों के मूवमेंट के मद्देनजर आला वन अधिकारियों ने मोर्चा संभाल लिया है। वन्य जीवों की सुरक्षा और जान माल की हिफाजत के चलते वन मंडल अधिकारी सामान्य अशोक कुमार सोलंकी और उप वन मंडल अधिकारी सुरेंद्र सिंह जाटव जंगल गस्त करते हुए, ग्रामीणों और वन सुरक्षा समितियों से बैठक करके जन संवाद कर रहे हैं। जनसंवाद के दौरान डीएफओ अशोक कुमार सोलंकी नुकसान के विरुद्ध मुआवजा की जानकारी देकर जंगली हाथियों से दूरी बनाए रखने की नसीहत भी दे रहे हैं। गौरतलब है कि सामान्य वनमंडल डिंडोरी अंतर्गत रेंज डिंडोरी के वन ग्राम कुई में रविवार की दोपहर अनूपपुर की सीमा लांघ तीन नर हाथियों ने आमद दर्ज कार्रवाई थी।

सबसे बड़े शाकाहारी वन्य जीव का यह झुंड कुई के जंगल से रामगुड़ा, सारसताल, गोपालपुर, बासी देवरी, देवकरा, मिगड़ी के वन क्षेत्रों के नजदीक खेतों में फसल को नुकसान पहुंचाने के बाद सोमवार की रात पड़रिया माल पंचायत के देवकरा गांव के नजदीक पहुंच गये थे। यहां भी हाथियों ने गेंहू की फसल को खुराक बनाया था और मंगलवार की सुबह तीनों जंगली हाथियों ने वन ग्राम गोयरा, नेवसा और देवकरा के कक्ष क्रमांक 336 और 244 के बीच स्थापित बांस के प्लांटेशन की शरण ली है। इस बीच राहत की बात यह है कि यह जंगली हाथियों का दल इंसानी बसाहटों से दूरी बनाये हुये है, और आक्रामक रुख अख्तियार नहीं कर रहा है। बावजूद इसके वन अमला पूरी तरह मुस्तैद है, और प्रोटोकॉल का शत प्रतिशत पालन कर रहा है। जानकारी के मुताबिक वनमंडलाधिकारी अशोक कुमार सोलंकी एवं उपवन मंडल अधिकारी सुरेन्द्र सिंह जाटव के निर्देशन में हाथियों की गतिविधियों पर सतत निगरानी रखी जा रही है।

जन सुरक्षा एवं जान-माल की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए छह विभागीय टीमें लगातार क्षेत्र में मॉनिटरिंग कर रही हैं। वन विभाग द्वारा जनसहभागिता को बढ़ावा देने के लिए हाथी मित्र दल का गठन किया गया है, जिसमें स्थानीय ग्रामीणों को शामिल कर उनकी सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की जा रही है। ये दल हाथियों की गतिविधियों पर नजर रखने, समय पर सूचना देने और ग्रामीणों को जागरूक करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। आपात स्थिति से निपटने के लिए हाथी मित्र दल रैपिड रिस्पॉन्स टीम भी गठित की गई है, जो सूचना मिलते ही तुरंत मौके पर पहुंचकर आवश्यक कार्रवाई कर रही है। वहीं, हाथियों की सुरक्षा के मद्देनजर प्रभावित क्षेत्रों में आवश्यकता अनुसार बिजली आपूर्ति एवं प्रकाश व्यवस्था अस्थायी रूप से बंद की जा रही है। वन विभाग ने नागरिकों से अपील की है कि हाथियों से कम से कम 250 मीटर की दूरी बनाए रखें, उनके पास न जाएं, न ही उन्हें उकसाएं। फोटो या वीडियो लेने के लिए जोखिम न उठाएं और किसी भी आपात स्थिति में तुरंत वन विभाग या स्थानीय प्रशासन को सूचना दें

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