डिंडौरी।चैत्र नवरात्रि के पावन अवसर पर विधानसभा क्षेत्र शहपुरा अंतर्गत ग्राम हथडोल, ग्राम पंचायत मनेरी (मेहंदवानी) स्थित प्राचीन जामवंती गुफा घोड़ामाडा में माँ के ज्योत जवारों का विसर्जन भव्य धार्मिक आयोजन शहपुरा विधायक ओमप्रकाश धुर्वे की उपस्थिति में गत दिवस किया गया। पूरे आयोजन के दौरान क्षेत्र में श्रद्धा, भक्ति और उल्लास का वातावरण बना रहा तथा माता रानी के जयकारों से गुफा परिसर गूंजता रहा।गौरतलब है कि नवरात्रि के प्रथम दिन विधि-विधान के साथ 151 जवारा कलशों की स्थापना की गई थी। नौ दिनों तक नियमित पूजा-अर्चना, दीप प्रज्वलन एवं धार्मिक अनुष्ठानों का क्रम जारी रहा, जिसमें स्थानीय श्रद्धालुओं के साथ-साथ दूर-दराज के ग्रामीणों की भी सक्रिय सहभागिता रही।
रामनवमी पर विधायक की उपस्थिति में संपन्न हुआ हवन-पूजन व कन्या भोज
रामनवमी के पावन अवसर पर शहपुरा विधायक ओमप्रकाश धुर्वे विशेष रूप से कार्यक्रम में शामिल हुए। उनकी उपस्थिति में विधिवत हवन-पूजन किया गया तथा कन्या भोज का आयोजन कर परंपरागत रीति से कन्याओं का पूजन किया गया। इसके बाद विशाल भंडारे का आयोजन हुआ, जिसमें सैकड़ों श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया।
भंडारे के बाद श्रद्धापूर्वक किया गया 151 कलशों का विसर्जन
धार्मिक अनुष्ठानों के समापन पर स्थापित 151 जवारा कलशों का विधि-विधान के साथ पास स्थित तालाब में विधायक ओमप्रकाश धूर्वे की उपस्थिति में विसर्जन किया गया। विसर्जन के दौरान श्रद्धालु माता रानी के जयकारे लगाते हुए भक्ति में लीन नजर आए, जिससे पूरे क्षेत्र में आध्यात्मिक वातावरण बना रहा।
प्राकृतिक सौंदर्य के बीच स्थित जामवंती गुफा बनी आस्था का केंद्र
प्रकृति की गोद में स्थित जामवंती गुफा अपनी अद्भुत संरचना और प्राकृतिक सौंदर्य के लिए जानी जाती है। लगभग 250 फीट लंबी, 60 फीट चैड़ी एवं 8 फीट ऊंची यह गुफा क्षेत्र ही नहीं बल्कि पूरे प्रदेश में विशेष पहचान रखती है और धार्मिक पर्यटन का प्रमुख केंद्र बनती जा रही है।स्थानीय जनश्रुतियों के अनुसार जामवंती गुफा का संबंध रामायण एवं महाभारत काल से जोड़ा जाता है। इसी कारण यह स्थान श्रद्धालुओं के लिए विशेष आस्था का केंद्र बना हुआ है और नवरात्रि जैसे पावन अवसरों पर यहां विशेष भीड़ उमड़ती है।
नौ दिनों तक चला भजन-कीर्तन और धार्मिक कार्यक्रमों का सिलसिला
पूरे नवरात्रि पर्व के दौरान यहां भजन-कीर्तन, पूजा-अर्चना एवं विभिन्न धार्मिक अनुष्ठानों का निरंतर आयोजन किया गया। आसपास के गांवों सहित दूरदराज क्षेत्रों से पहुंचे श्रद्धालुओं ने इसमें भाग लेकर आयोजन को सफल बनाया।










