डिंडौरी।गाडासरई थाना क्षेत्र में सूदखोरी का मामला दर्ज होने के दो दिन के भीतर ही एक और गंभीर प्रकरण सामने आया है। मंगलवार को दो आदिवासी महिलाओं ने पुलिस अधीक्षक को आवेदन देकर आरोप लगाया कि तीन साल पहले चांदी के जेवर साफ करने के बहाने एक साहूकार ने उनके जेवर हड़प लिए, जो आज तक वापस नहीं किए गए।
आवेदन में चंद्रवती धुर्वे पति बसोरी सिंह एवं जानकी बाई पति चैन सिंह परस्ते, निवासी ग्राम बरेंडा (थाना करंजिया) ने बताया कि 10 जनवरी 2022 को गाडासरई निवासी साहूकार मोंटी सोनी उनके घर आया और चांदी के पुराने जेवर यह कहकर ले गया कि धुलाई कर वापस कर देगा। चूंकि वह पहले भी गांव के अन्य लोगों के जेवर साफ कर लौटा चुका था, इसलिए उन्होंने भरोसा कर अपने जेवर दे दिए।
महिलाओं का आरोप है कि लंबे समय तक जेवर वापस नहीं किए गए। कई बार गाडासरई स्थित दुकान पर जाकर मांग की गई तो हर बार टालमटोल किया गया। बाद में वह मिलने से बचने लगा और परिवार के लोग बहाने बनाने लगे। पीड़ित महिलाओं ने पुलिस अधीक्षक से जेवर तत्काल वापस दिलाने और आरोपी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की है। आवेदन के साथ रसीद की प्रति भी संलग्न की गई है।
सूदखोरी के मकड़जाल में बैगांचल
आदिवासी बहुल डिंडौरी जिले में अवैध सूदखोरी का गोरखधंधा तेजी से फैल रहा है। बैगा बहुल क्षेत्रों—बजाग, करंजिया, समनापुर और गाडासरई—में मोटे ब्याज पर लेनदेन खुलेआम किया जा रहा है। मामूली रकम के बदले जेवर और अचल संपत्ति गिरवी रखवाई जाती है, फिर ब्याज पर ब्याज जोड़कर कर्ज का बोझ बढ़ाया जाता है और अंततः संपत्ति पर कब्जा कर लिया जाता है।हालांकि जिले में सूदखोरी पर प्रतिबंध है, लेकिन शिकायतें कम होने से कार्रवाई प्रभावी नहीं हो पा रही, जिससे आदिवासी परिवार लगातार शोषण का शिकार हो रहे हैं।











