डिण्डौरी। जिले के शहपुरा वन परिक्षेत्र में बीते छह दिनों से एक बाघ की लगातार मौजूदगी ने ग्रामीणों की नींद उड़ा दी है। खेतों, गांव की सीमा और नेशनल हाईवे के आसपास बाघ के खुलेआम विचरण से पूरे इलाके में भय और दहशत का माहौल बना हुआ है। हालात इतने गंभीर हो गए हैं कि ग्रामीणों ने अब प्रशासन से सीधे हस्तक्षेप की मांग कर दी है।
नेशनल हाईवे से खेतों तक बाघ का मूवमेंट, दहशत में ग्रामीण
शहपुरा वन परिक्षेत्र अंतर्गत करौंदी, बांकी, कंचनपुर, बिजौरी, चरगांव और शारदा टेकरी क्षेत्र में बाघ की गतिविधियां लगातार सामने आ रही हैं। 14 जनवरी को बाघ को नेशनल हाईवे पार करते हुए देखा गया था। इसके बाद अलग-अलग गांवों में किसानों और ग्रामीणों ने खेतों के पास बाघ देखे जाने की पुष्टि की है।18 जनवरी की रात शारदा टेकरी क्षेत्र में बाघ दिखने और ग्राम करौंदी में उसकी दहाड़ सुनाई देने से दहशत और बढ़ गई। अगले दिन खेतों में ताज़ा पदचिह्न मिलने से जनहानि और पशुहानि की आशंका और गहरा गई है।
एसडीएम को सौंपा ज्ञापन, बड़े स्तर पर कार्रवाई की मांग
बाघ की दहशत से परेशान ग्रामीणों ने कलेक्टर डिण्डौरी के नाम एसडीएम शहपुरा ऐश्वर्य वर्मा को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में मांग की गई है कि बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व या कान्हा नेशनल पार्क से विशेषज्ञ टाइगर एक्सपर्ट टीम बुलाकर तत्काल सर्च और रेस्क्यू अभियान चलाया जाए।मुख्यमंत्री से लेकर वन विभाग के आला अधिकारियों तक भेजी गई प्रतिलिपि ग्रामीणों ने ज्ञापन की प्रतिलिपि मुख्यमंत्री, वन मंत्री, मुख्य वन संरक्षक (सीसीएफ) भोपाल, डीएफओ डिण्डौरी सहित बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व और कान्हा नेशनल पार्क प्रबंधन को भी भेजी है, ताकि मामले की गंभीरता को देखते हुए शीघ्र ठोस कदम उठाए जा सकें।फिलहाल वन विभाग की टीम बाघ को चिन्हित करने में सफल नहीं हो पाई है। ऐसे में अब ग्रामीणों की निगाहें प्रशासन और वन विभाग की त्वरित कार्रवाई पर टिकी हुई हैं।











