डिंडौरी | बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ योजना के अंतर्गत डिंडौरी जिले में “सुगढ़ टूरी–आज स्वस्थ, कल सशक्त” अभियान के तहत रिकॉर्ड ब्रेकिंग वन-डे एनीमिया जांच अभियान का सफल आयोजन किया गया। कलेक्टर श्रीमती अंजू पवन भदौरिया के मार्गदर्शन में संचालित इस अभियान के माध्यम से जिलेभर में एक ही दिन में बड़े पैमाने पर एनीमिया जांच की गई, जो स्वास्थ्य क्षेत्र में एक ऐतिहासिक उपलब्धि के रूप में दर्ज हुई है।
अभियान के अंतर्गत जिले के समस्त शासकीय एवं अशासकीय विद्यालयों, महाविद्यालयों तथा आईटीआई संस्थानों में एक साथ एनीमिया जांच शिविर आयोजित किए गए। इसके लिए जिले के 620 विद्यालयों एवं महाविद्यालयों को शिविर केंद्र के रूप में चिन्हित किया गया, जहां किशोरी बालिकाओं, गर्भवती एवं धात्री महिलाओं तथा ग्रामीण दीदियों का हीमोग्लोबिन परीक्षण किया गया।इस महाअभियान में 38 हजार स्वास्थ्य परीक्षणों का लक्ष्य निर्धारित किया गया था, जिसके विरुद्ध लगभग 48 हजार हितग्राहियों की एनीमिया जांच कर लक्ष्य से कहीं अधिक उपलब्धि हासिल की गई। एक ही दिन में इतने व्यापक स्तर पर एनीमिया जांच कर डिंडौरी जिला न केवल स्वयं के लिए, बल्कि संपूर्ण मध्यप्रदेश के लिए एक प्रेरणादायक उदाहरण बनकर उभरा है।
इंडिया एवं एशिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स टीम ने किया निरीक्षण
अभियान की विशिष्ट उपलब्धि को देखते हुए इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स एवं एशिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स की निर्णायक एवं अधिनिर्णायक टीम दिल्ली से डिंडौरी पहुंची। टीम ने जिले के विभिन्न शिविर केंद्रों का भ्रमण कर व्यवस्थाओं, जनसहभागिता एवं समन्वित संचालन का गहन निरीक्षण किया। रिकॉर्ड्स टीम ने जिला प्रशासन द्वारा किए गए व्यापक प्रबंधन, सुनियोजित रणनीति एवं प्रभावी क्रियान्वयन की सराहना करते हुए अभियान को अभिनव एवं अनुकरणीय पहल बताया।
पूरे अभियान की निगरानी जिला स्तर से रियल-टाइम ऑनलाइन मॉनिटरिंग सिस्टम के माध्यम से की गई, जिससे सभी शिविर केंद्रों पर कार्य सुचारु, पारदर्शी एवं व्यवस्थित रूप से संपन्न हुआ। जिला प्रशासन द्वारा सभी केंद्रों पर आवश्यक संसाधन, प्रशिक्षित स्वास्थ्य टीमों एवं हितग्राहियों की सुविधाओं की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की गई।
“सुगढ़ टूरी–आज स्वस्थ, कल सशक्त” अभियान के माध्यम से डिंडौरी जिले ने बालिकाओं एवं महिलाओं के स्वास्थ्य संरक्षण की दिशा में एक मजबूत और प्रभावी कदम उठाया है। यह अभियान न केवल एनीमिया जैसी गंभीर स्वास्थ्य समस्या के प्रति जागरूकता बढ़ाने में सफल रहा, बल्कि एक स्वस्थ, सशक्त एवं जागरूक समाज के निर्माण की दिशा में मील का पत्थर सिद्ध हुआ है।











