डिंडोरी।जिला पंचायत डिंडोरी ने पंचायत स्तर पर लापरवाही और वित्तीय अनियमितताओं के मामलों में सख्त रुख अपनाते हुए दो ग्राम पंचायत सचिवों को निलंबित कर दिया है। यह कार्रवाई मुख्य कार्यपालन अधिकारी द्वारा जारी आदेश के तहत की गई।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, जनपद पंचायत समनापुर अंतर्गत ग्राम पंचायत कुकरामठ के सचिव रमेश कुमार पट्टा को जनसुनवाई में अनुपस्थित रहने और ग्रामीणों की समस्याओं के निराकरण में लापरवाही बरतने के आरोप में निलंबित किया गया है। 27 जनवरी 2026 को आयोजित जनसुनवाई में उनकी अनुपस्थिति पाई गई थी। इसके अलावा वे कार्यालय में नियमित रूप से उपस्थित नहीं रहते थे, जिससे शासकीय कार्य प्रभावित हो रहे थे। इस संबंध में ग्रामीणों द्वारा शिकायत भी की गई थी।
वहीं, ग्राम पंचायत भाजीटोला के सचिव मंजू लाल उइके पर 15वें वित्त आयोग की नल-जल योजना के अंतर्गत लगभग 1 लाख 70 हजार रुपये के दुरुपयोग का आरोप है। मामले की जांच के बाद 85 हजार रुपये की वसूली के आदेश भी जारी किए गए थे। इसके अतिरिक्त वे साप्ताहिक समीक्षा बैठकों में अनुपस्थित रहते थे तथा शासकीय कार्यों में रुचि नहीं ले रहे थे, जिसके चलते पंचायत में लगातार शिकायतें दर्ज हो रही थीं।
दोनों मामलों में जिला पंचायत द्वारा कारण बताओ नोटिस जारी किया गया था, किन्तु संतोषजनक जवाब प्रस्तुत नहीं किया गया। जांच में आरोप सही पाए जाने पर यह कार्रवाई की गई।
जिला पंचायत के अनुसार, संबंधित सचिवों का आचरण मध्यप्रदेश पंचायत सेवा आचरण नियम 1998 के प्रावधानों के विपरीत पाया गया, जिसके चलते मध्यप्रदेश पंचायत सेवा (अनुशासन एवं अपील) नियम 1999 के तहत निलंबन की कार्रवाई की गई है।निलंबन अवधि के दौरान दोनों सचिवों का मुख्यालय जनपद पंचायत समनापुर निर्धारित किया गया है तथा उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता दिया जाएगा। साथ ही ग्राम पंचायत भाजीटोला के कार्य संचालन हेतु ग्राम रोजगार सहायक धनश्याम सिंह राजपूत को अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है।जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि शासकीय कार्यों में लापरवाही और वित्तीय अनियमितता किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं की जाएगी।











