डिंडोरी। अनूपपुर सीमा से लगे जिले के जंगलों में एक बार फिर जंगली हाथियों की आमद शुरू हो गई है। रविवार दोपहर डिंडोरी रेंज के वनग्राम कुई कक्ष क्रमांक 209 से तीन जंगली हाथियों के झुंड ने प्रवेश किया। वन विभाग के अनुसार तीनों हाथी नर हैं और फिलहाल शांत स्वभाव के बताए जा रहे हैं।
जानकारी के मुताबिक यह झुंड उड़ीसा से शहडोल और अनूपपुर होते हुए करीब 90 दिनों तक वहीं डेरा डाले रहा और रविवार को सरफा गांव के पास जोहिला नदी पार कर डिंडोरी जिले में दाखिल हुआ। हाथियों का यह दल लगभग 50 किलोमीटर के दायरे में घूमते हुए रामगुढ़ा, सारसताल, गोपालपुर, वासीदेवरी, नारायणडीह और टिकरी पिपरी के जंगलों को पार कर सोमवार को बसनिया कक्ष क्रमांक 239 पहुंच गया।
इस दौरान हाथियों ने कुई क्षेत्र के आसपास दो किसानों की गेहूं की फसल को नुकसान पहुंचाया है। प्रभावित किसानों को मुआवजा देने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
निगरानी के लिए पांच टीमें तैनात
जंगली हाथियों की गतिविधियों पर नजर रखने और जन-धन की सुरक्षा के लिए वन विभाग ने पांच टीमों को तैनात किया है। इसमें मुड़की, डिंडोरी, नेवसा, सारसताल और नारायणडीह सर्किल का वन अमला शामिल है।
उप वन मंडल अधिकारी एस.के. जाटव ने बताया कि हाथियों का झुंड अभी बस्तियों में प्रवेश नहीं किया है। एहतियात के तौर पर आसपास के वन ग्रामों में मुनादी कराकर लोगों को जंगल और हाथियों से दूर रहने की चेतावनी दी गई है। महुआ और तेंदूपत्ता सीजन को देखते हुए वन अमले को विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं। वहीं रेंजर अतुल सिंह ने हाथी मित्र दलों से भी सहयोग लिया जा रहा है।
पहले भी हो चुकी हैं घटनाएं
जिले के जंगलों में अनुकूल वातावरण के चलते जंगली हाथियों और अन्य वन्य जीवों का आना-जाना लगा रहता है। करंजिया क्षेत्र में अचानकमार टाइगर रिजर्व से भी हाथियों और बाघों का मूवमेंट देखा जाता है, जबकि डिंडोरी रेंज में ये झुंड अनूपपुर के रास्ते पहुंचते हैं।
पूर्व में कुछ हाथी हिंसक भी हो चुके हैं। अक्टूबर 2022 में करंजिया क्षेत्र के पंडरीपानी गांव में एक व्यक्ति की हाथियों ने कुचलकर हत्या कर दी थी, वहीं मई 2022 में बासीदेवरी गांव में एक महिला की भी हाथियों के हमले में मौत हो गई थी।
इन घटनाओं को देखते हुए वन विभाग अलर्ट मोड पर है और लोगों से सतर्क रहने की अपील की जा रही है।











