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स्टोन क्रेशर की डस्ट से किसानों की फसल बर्बाद, ब्लास्टिंग से मकानों में पड़ रही दरार..एनजीटी गाइडलाइन की उड़ रही धज्जियां, शिकायतों के बाद भी खनिज विभाग मौन

Kashi Agrawal

डिंडोरी। जिले में स्टोन क्रेशरों के संचालन को लेकर गंभीर लापरवाही सामने आ रही है। कई स्थानों पर क्रेशर संचालक नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) की गाइडलाइन को दरकिनार कर नियमों के विपरीत क्रेशर चला रहे हैं, लेकिन जिम्मेदार खनिज विभाग चुप्पी साधे बैठा है। विभाग की इस निष्क्रियता से क्रेशर संचालकों के हौसले बुलंद नजर आ रहे हैं।

ताजा मामला ग्राम पंचायत दुहनिया का है, जहां एक सड़क निर्माण कंपनी द्वारा स्थापित स्टोन क्रेशर नियमों की अनदेखी कर संचालित किया जा रहा है। ग्रामीणों का आरोप है कि क्रेशर से निकलने वाली भारी मात्रा में डस्ट और धूल के कारण आसपास के खेतों में लगी किसानों की फसलें खराब हो रही हैं।

ग्रामीणों ने बताया कि क्रेशर संचालन के दौरान की जा रही ब्लास्टिंग से आसपास के मकानों में दरारें भी आने लगी हैं, जिससे लोगों में भय का माहौल है। कई बार इस संबंध में संबंधित अधिकारियों और खनिज विभाग को शिकायत की गई, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है।

ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते क्रेशर संचालन पर नियमों के अनुसार नियंत्रण नहीं किया गया तो किसानों की आजीविका पर गंभीर संकट खड़ा हो सकता है। वहीं खनिज विभाग की निष्क्रियता पर भी सवाल उठने लगे हैं कि शिकायतों के बावजूद कार्रवाई क्यों नहीं की जा रही।

ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि एनजीटी के नियमों के अनुसार क्रेशर संचालन सुनिश्चित कराया जाए और अवैध रूप से चल रहे क्रेशरों पर तत्काल कार्रवाई की जाए, ताकि किसानों की फसल और ग्रामीणों के मकानों को हो रहे नुकसान को रोका जा सके।

 

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