डिण्डौरी।पीएम-जनमन योजना के तहत सड़क निर्माण का मुख्य उद्देश्य विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूहों की बसाहटों को मुख्य सड़क से जोड़कर उनकी सामाजिक-आर्थिक स्थिति में सुधार करना और उन्हें बुनियादी सुविधाओं तक पहुंच प्रदान करना है और उसी उददेश्य से प्रधानमंत्री जनमन योजना के अंतर्गत शहपुरा जनपद क्षेत्र की ग्राम पंचायत छपरा रैयत से ऊपरी टोला तक बन रही सड़क के निर्माण कार्य को लेकर ग्रामीणों ने गंभीर सवाल खड़े किए हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि सड़क निर्माण में गुणवत्ता और मापदंडों की अनदेखी कर मनमानी तरीके से काम किया जा रहा है।निर्माण स्थल पर लगे सूचना बोर्ड के अनुसार यह सड़क छपरा से ऊपरी टोला तक 0.96 किलोमीटर लंबाई की बनाई जा रही है, जिसमें 450 मीटर सीमेंट कंक्रीट सड़क और 510 मीटर बीटी रोड शामिल है। लेकिन ग्रामीणों का कहना है कि सीमेंट कंक्रीट सड़क का निर्माण शुरू होते ही कई जगहों पर दरारें दिखाई देने लगी हैं, जिससे निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर सवाल उठने लगे हैं।ग्रामीणों के अनुसार सड़क का निर्माण कार्य ठेकेदार मेसर्स सदीप राय, बिछिया (शहपुरा) द्वारा कराया जा रहा है। वहीं सूचना पटल के अनुसार यह निर्माण कार्य 15 अक्टूबर 2024 से प्रारंभ होकर 14 अक्टूबर 2025 तक पूर्ण होना था, लेकिन मार्च 2026 तक भी कार्य जारी रहना कई सवाल खड़े कर रहा है।
स्टीमेट के मापदंडों की अनदेखी
ग्रामीणों का आरोप है कि प्रधानमंत्री जनमन योजना के तहत बन रही इस सड़क में ठेकेदार द्वारा विभागीय अधिकारियों से साठगांठ कर खुलेआम अनियमितताएं की जा रही हैं। एक ओर जहां सीमेंट कंक्रीट सड़क बन रही है, वहीं दूसरी ओर सड़क में जगह-जगह दरारें दिखाई दे रही हैं।इसके अलावा ग्रामीणों का कहना है कि ठेकेदार द्वारा ग्राम पंचायत द्वारा पहले से बनाई गई सीसी सड़क के ऊपर ही नई सड़क का निर्माण किया जा रहा है। वहीं निर्माण कार्य में बिना अर्थवर्क, बिना रोलिंग और बिना पर्याप्त पानी के सीधे ही बेरिंग कोट तैयार किया जा रहा है, जिससे सड़क की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।
अधिकारियों और ठेकेदार की साठगांठ के आरोप
ग्रामीणों का कहना है कि सरकार जहां ग्रामीणों के बेहतर आवागमन के लिए लाखों रुपये खर्च कर सड़क निर्माण करवा रही है, वहीं दूसरी ओर संबंधित विभाग के अधिकारी नियमों को दरकिनार कर निर्माण कार्य करवा रहे हैं।ग्रामीणों का आरोप है कि सड़क में निर्माण की गुणवत्ता खराब होने के कारण जगह-जगह दरारें आ गई हैं, लेकिन विभागीय अधिकारी इन्हें सामान्य तापमान से उत्पन्न दरार बता रहे हैं। वहीं ठेकेदार द्वारा सड़क निर्माण में अर्थवर्क नहीं किया जा रहा, जिसे भी अधिकारी सही ठहरा रहे हैं। इससे ग्रामीणों में अधिकारियों और ठेकेदार की मिलीभगत की आशंका गहरा गई है।
जांच की उठी मांग
ग्रामीणों ने कलेक्टर से मांग की है कि इस सड़क निर्माण कार्य की तकनीकी जांच कराई जाए और यदि अनियमितता सामने आती है तो संबंधित ठेकेदार और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। ग्रामीणों का कहना है कि सरकारी योजनाओं में पारदर्शिता और गुणवत्ता सुनिश्चित करना जरूरी है, ताकि जनता को उसका सही लाभ मिल सके।
इनका कहना है
“निर्माण स्थल पर आए क्रैक सामान्य तापमान के कारण हैं। गांव के अंदर सड़क निर्माण में अर्थवर्क नहीं किया जाता है।”सोभित दूबे, प्रभारी एएम, पीएमजीएसवाय, डिंडौरी










