डिंडौरी। जनपद पंचायत शहपुरा अंतर्गत ग्राम पंचायत कंचनपुर के सरपंच सचिव के डिजीटल सिग्नेचर निष्क्रिय करने के मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत शहपुरा पर आरोप लग रहे हैं। जिससे ग्राम पंचायत के काम काज प्रभावित हो रहे हैं। नियमानुसार किसी भी ग्राम पंचायत के सरपंच सचिव के डीएससी निष्क्रिय करने के पूर्व विभाग प्रमुख द्वारा सरपंच सचिव को विधिसम्मत कारण सहित सूचना जारी की जाती है, या मामले की सुनवाई के बाद दोष सिद्व होने पर ही डीएससी निष्क्रिय करने की कार्रवाई को अंजाम दिया जाता है, लेकिन जनपद पंचायत शहपुरा के तत्कालीन मुख्य कार्यपालन अधिकारी द्वारा बगैर सूचना और बगैर दोष सिद्व हुये ही डीएससी निष्क्रिय कर दी गई जिसके बाद ग्राम पंचायत के सरपंच सचिव के द्वारा अपने अधिवक्ता के माध्यम से मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत शहपुरा को पत्राचार कर कार्रवाई को गलत करार दिया गया है। हालांकि ग्राम पंचायत कंचनपुर से संबंधित मामले को लेकर उच्च न्यायालय जबलपुर में एक याचिका दायर की गई थी जिसके तारतम्य में उच्च न्यायालय जबलपुर द्वारा दिनांक 22 अगस्त 2025 को आदेश पारित करते हुये स्पष्ट निर्देश दिए गए थे कि कार्यालयीन आदेश दिनांक 01 अगस्त 2025 की कार्यवाही को स्थगित रखा जाए और दोनों पक्षकारों को सुनवाई का अवसर प्रदान किया जाए। लेकिन आरोप है, कि जनपद पंचायत शहपुरा के मुख्य कार्यपालन अधिकारी द्वारा न्यायालय के आदेश की अव्हेलना कर पूर्व आदेश का पालन नहीं किया जा रहा है, और ग्राम पंचायत की डीएससी को निष्क्रिय कर दिया गया है।
इस बावद अधिवक्ता ने जनपद कार्यालय में एक पत्र दिया है पत्र में उल्लेख किया है कि सीईओ की इस मनमानी से सरपंच एवं सचिव के कार्य प्रभावित हो रहे हैं तथा पंचायत के विकास एवं जनकल्याण कार्यों में बाधा उत्पन्न हो रही है। इसके साथ ही सरपंच की सामाजिक छवि पर भी प्रतिकूल असर पड़ रहा है। अधिवक्ता द्वारा जारी पत्र में उल्लेख किया गया है, कि यदि न्यायालय के आदेश का पालन कर अविलंब पूर्ववत स्थिति बहाल नहीं की गई तो यह न्यायालय की अवमानना की श्रेणी में आएगा, जिसके लिए जिम्मेदार अधिकारी व्यक्तिगत रूप से उत्तरदायी होंगे। वही मामले में तत्कालीन प्रभारी सीईओ ने कहा कि हाल ही में ग्राम पंचायत के विरुद्ध प्राप्त नवीन शिकायतों के आधार पर पंचायत की डीएससी निष्क्रिय की गई है लेकिन जब उनसे पूंछा गया कि क्या प्राप्त शिकायतो के विरुद्ध आपके द्वारा जांच के निर्देश दिए है तो उन्होंने कहा कि अभी तक जांच के निर्देश नहीं दिए गए।











