डिंडोरी। शहपुरा क्षेत्र के बिलगढ़ा बांध क्षेत्र में चल रही सरकारी परियोजना एक बार फिर गंभीर विवादों में घिर गई है। बिना किसी वैधानिक अनुमति ठेकेदार कंपनी द्वारा कराई जा रही अवैध ब्लास्टिंग का भंडाफोड़ उस वक्त हुआ जब मौके पर पहुंची बम निरोधक दस्ता (BDS) की टीम ने जमीन में दबे जिंदा विस्फोटक बरामद कर लिए। यदि समय रहते कार्रवाई नहीं होती तो एक भीषण हादसा तय माना जा रहा था।
संवेदनशील बांध क्षेत्र में विस्फोट — नियमों की खुली हत्या
जानकारी के मुताबिक जल जीवन मिशन अंतर्गत करोड़ों रुपये की परियोजना के नाम पर बांध जैसे अति-संवेदनशील क्षेत्र में खुलेआम बारूद का इस्तेमाल किया जा रहा था। न तो विस्फोटक विभाग से अनुमति ली गई, न ही पुलिस व प्रशासन को पूर्व सूचना दी गई। नियम-कानून को ताक पर रखकर की जा रही ब्लास्टिंग ने पूरे इलाके को खतरे में डाल दिया।
जमीन में दबा था मौत का सामान
बीडीएस और पुलिस की संयुक्त जांच में:जमीन में दबे जिंदा विस्फोटक मिले । अधिकारियों का कहना है कि थोड़ी सी चूक से बड़ा जनहानि हादसा हो सकता था।स्थानीय ग्रामीणों का आरोप है कि बीते कई दिनों से धमाकों की आवाजें सुनाई दे रही थीं। खेतों में काम कर रहे लोगों और पास के गांवों में दहशत बनी हुई थी, लेकिन जिम्मेदार अफसरों ने आंख मूंदे रखी। अब जिंदा विस्फोटक मिलने के बाद ग्रामीणों का आक्रोश चरम पर है।
शाम तक पुलिस कर सकती है केस दर्ज, ठेकेदार–अफसर कठघरे में
प्राप्त जानकारी अनुसार पुलिस विस्फोटक अधिनियम सहित गंभीर धाराओं में तमाम जांच उपरांत आज शाम तक मामला दर्ज कर सकती है सवाल सीधे-सीधे उठ रहे हैं—विस्फोटक कहां से आए?किसके आदेश पर अवैध ब्लास्टिंग हुई?जिम्मेदार अधिकारियों ने चुप्पी क्यों साधी?जांच की आंच अब ठेकेदार कंपनी, साइट इंचार्ज और संबंधित विभागीय अधिकारियों तक पहुंचती दिख रही है।











