डिंडौरी। जनपद पंचायत डिंडौरी अंतर्गत ग्राम पंचायत पौड़ी माल में निजी भूमि पर तीन परकोलेशन टैंक निर्माण को लेकर प्रशासन सख्त रुख अपनाया है। जनपद स्तरीय जांच दल द्वारा जिला पंचायत में प्रस्तुत प्रतिवेदन के बाद संबंधितों के विरुद्ध न्यायालय मुख्य कार्यपालन अधिकारी विहित प्राधिकारी जिला पंचायत डिंडौरी ने प्रकरण पंजीबद्ध करते हुए संबंधितों के विरूद्व नोटिस जारी किये गये थे बावजूद इसके मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत द्वारा पुनः एक बार 20 फरवरी 2026 को अतिरिक्त मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जिला पंचायत डिंडोरी के नेतृत्व में पांच सदस्यीय जांच दल का गठन करते हुये जांच प्रतिवेदन प्रस्तुत करने के निर्देश दिये थे हालांकि जनपद स्तरीय जांच समिति में जांच अधिकारी के तौर पर सहायक यंत्री को भी शामिल किया गया था जबकि निर्माण किये गये परकोलेशन टैंक की तकनीकी स्वीकृति सहायक यंत्री बिजेन्द्र सारीवान के द्वारा ही दी गई थी इस बावद प्रमुखता से खबर प्रकाशित किया था। जिसको संज्ञान में लेते हुये प्रशासन ने पुनः जांच टीम का गठन कर प्रतिवेदन तलब किया था। जांच समिति द्वारा जिला पंचायत में प्रस्तुत प्रतिवेदन में सहायक यंत्री बिजेन्द्र सारीवान को भी निर्माण कार्य में अनियमितता बरतने का दोषी करार दिया गया है। वहीं न्यायालय मुख्य कार्यपालन अधिकारी विहित प्राधिकारी जिला पंचायत डिंडौरी ने सभी संबंधितों को धारा 92 अंतर्गत नोटिस जारी कर 6 मार्च 2026 को सुनवाई हेतु जवाब सहित उपस्थित होने का आदेश जारी किया है। गौरतलब है कि प्रस्तुत जांच प्रतिवेदन में उल्लेख किया गया है कि ग्राम पंचायत पौड़ी माल में तीन परकोलेशन टैंक निर्माण कार्य शासकीय भूमि में ना कराकर कृषक की निजी भूमि में निर्माण कार्य कराया जाना पाया गया है। राजस्व निरीक्षक मंडल नेवसा के द्वारा प्रतिवेदन अनुसार ग्राम पंचायत पौड़ी माल में खसरा नम्बर 56ध्2 रकवा 1.11 हेक्टेयर भूमि जमुनिया बाई पति चेतन के स्वामित्व की भूमि से 25ग16 वर्ग मीटर में परकोलेशन टैंक निर्माण कार्य पंचायत के द्वारा कराया गया है जो आंशिक रूप से निजी भूमि पर निर्माण है। वहीं पोषक ग्राम गोयरा रैयत में खसरा नम्बर 264ध्2 रकबा 2.00 हेक्टेयर भूमि ब्रह्म बाई पति धरम सिंह के स्वामित्व के नाम में है जिस भूमि के 18ग30 वर्ग मीटर में परकोलेशन टैंक निर्माण कार्य पंचायत द्वारा कराया गया है। इसी प्रकार खसरा नम्बर 261ध्2 रकवा 0.39 हैक्टेयर शासकीय भूमि पर 18ग30 वर्ग मीटर में परकोलेशन टैंक निर्माण कार्य पंचायत के द्वारा कराया गया है जो कि आंषिक रूप से निजी भूमि पर निर्माण है। वहीं पोषक ग्राम नयेगांव रैयत में खसरा नंबर 211 रकबा 3.89 हेक्टेयर भूमि गहवर पिता दुख्खू, रमिया बाई पति दुख्खू, उमेश कुमार पिता जीवन लाल, सुरेन्द्र कुमार पिता दुख्खू, हीरा बाई पिता दुख्खू, रामवती पति जीवन लाल, ज्ञानी बाई पिता दुख्खू के नाम पर शामिल शरीक में दर्ज है जिसमें 53ग30 वर्ग मीटर में परकोलेशन टैंक निर्माण पंचायत के द्वारा कराया गया है।
दिशा निर्देशों का नहीं किया गया पालन
ग्राम पंचायत पौड़ी माल में परकोलेशन टेंक निर्माण कार्य शासकीय भूमि में नहीं कराया जाकर भूमि स्वामी की निजी भूमि में निर्माण कार्य कराया गया है मनरेगा योजना अंतर्गत समय-समय पर जारी दिषा निर्देषों के विपरीत कार्य कराया जाना पाया गया है। जांच प्रतिवेदन में उल्लेख किया गया है कि सहायक यंत्री बिजेन्द्र सारीवान, उपयंत्री कमलेश धूमकेती, सरपंच बिषमतिया बाई, सचिव जोहन लाल कोरबा, ग्राम रोजगार सहायक भगत लाल हथेष, द्वारा अपने पदीय दायित्वों के निर्वहन में सतत रूप से मॉनिटरिंग नहीं किये जाने के कारण यह स्थिति निर्मित हुई है। निजी भूमि पर निर्माण कार्य नियम विरुद्ध तरीके से किया गया है और शासकीय राशि 27 लाख 95 हजार रुपये का वित्तीय अनियमितता कर दुरुपयोग किया गया है। नियमानुसार निजी भूमि स्वामियों से भूमि त्यजन की कार्यवाही कराकर शासकीय भूमि में मद परिवर्तन कर कार्य किया जाना था।











