Home Breaking E - Paper Video Join
होम राज्य मध्यप्रदेश छत्तीसगढ़़ क्राइम न्यूज इंटरनेशनल न्यूज कोर्ट न्यूज राजनीति संसदीय संपादकीय अर्थ जगत हेल्थ शिक्षा खेल विज्ञान

प्रभारी सचिव पर रिश्वत लेने के लगे आरोप:पीएम जनमन आवास की तृतीय किस्त एवं चतुर्थ किस्त की राशि दिलाये जाने की मांग

Kashi Agrawal

डिंडौरी। पीएम जनमन आवास योजना अंतर्गत निर्माणाधीन आवासों की तृतीय और चतुर्थ किष्त की राशि दिलाये जाने की मांग लेकर जनपद पंचायत समनापुर ग्राम पंचायत फिटारी और जनपद पंचायत डिंडोरी के पडरियाकला के हितग्राही मंगलवार को आयोजित जनसुनवाई में पहुंचे। ग्राम पंचायत फिटारी के पोषक ग्राम रंजरा के दर्जनभर से अधिक हितग्राहियों ने दिये गये आवेदन में बतलाया कि जनमन आवास निर्माण की प्रथम एवं द्वितीय किष्त की राशि प्राप्त हो चुकी है जिससे उनके द्वारा आवास निर्माण का कार्य किया जा रहा है। लगभग दरवाजा स्तर तक का निर्माण कराया जा चुका है

हितग्राहियों द्वारा बतलाया गया कि निर्माण कार्य अब भी जारी है सप्लायर से सामग्री उधार लेकर कार्य कराया जा रहा है लेकिन महीनों गुजर जाने के बाद भी आगामी किस्त की राशि का भुगतान नहीं होने के कारण सप्लायर और मजदूरों को भुगतान नहीं किया जा पा रहा है। ऐसी दशा में सप्लायर भी सामग्री देने से मना कर रहा है जिससे निर्माण कार्य प्रभावित है। रंजरा गांव के हितग्राहियों ने बतलाया कि ग्राम पंचायत का ग्राम रोजगार सहायक जो प्रभारी सचिव है उसके द्वारा सभी हितग्राहियों से जनपद के कर्मचारियों को पैसा देने के नाम से दो-दो हजार रुपये वसूल किया गया है। जानकारी के अनुसार ग्राम पंचायत फिटारी के पोषक ग्राम रंजरा में 92 एवं लमोटा में 15 जनमन आवास स्वीकृत हैं लेकिन तृतीय और चतुर्थ किस्त की राशि जारी नहीं होने से निर्माण कार्य रुके हुए हैं। इसी तरह ग्राम पंचायत पडरियाकला के भुडकुर गांव से भी जनमन आवास के हितग्राही कलेक्ट्रेट पहुंचे जिनके द्वारा आवेदन देते हुये बतलाया गया कि प्रथम किस्त जारी की जा चुकी है जिस राशि से नींव स्तर का कार्य कराया जा चुका है दूसरी किस्त के इंतजार में उधारी में रेत गिट्टी सीमेंट खरीदकर जुडाई कार्य पूर्ण कर लिया गया है अब दूसरी किस्त जारी नहीं होने से सामग्री विक्रेताओं को भुगतान नहीं किया जा रहा है। जिससे आये दिन सामग्री विक्रेता द्वारा राषि की मांग की जा रही हितग्राहियों ने बतलाया गया कि आवास स्वीकृत होने के बाद नवीन निर्माण के लिए उन्होंने अपने पुराने मकानों को भी तोड दिया है और झुग्गी झोपड़ी बनाकर परिवार सहित निवासरत हैं।

About Author
Recommended
Right-clicking is disabled.