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किचिन कक्ष में संचालित हो रही प्राथमिक शाला,मेंहदवानी विकासखंड के खईपानी गांव का मामला

Kashi Agrawal

डिंडौरी। जिले में शासकीय शाला भवन के हाल बेहाल हैं। और जर्जर भवनों में शालाओं का संचालन किया जा रहा है। जिससे बच्चों सहित शिक्षकों के सिर पर खतरा मंडरा रहा है। आलम यह है, कि कई शाला भवन जर्जर होने के कारण षिक्षक और स्थानीय लोगों द्वारा वैकल्पिक व्यवस्था कर बच्चों को दूसरे शासकीय भवनों व निजी भवनों में स्कूल संचालन कराया जा रहा है। मेंहदवानी विकासखंड के बुल्दा ग्राम पंचायत में संचालित एकीकृत माध्यमिक शाला भवन के कमरों में पानी भरने के कारण शासकीय उचित मूल्य दुकान के एक कमरे में स्कूल का संचालन किया जा रहा है। वहीं इसी ग्राम पंचायत के अंतर्गत ग्राम पंचायत खईपानी में संचालित प्राथमिक शाला भवन जर्जर हो जाने के कारण शिक्षकों द्वारा किचिन कक्ष में प्राथमिक शाला का संचालन किया जा रहा है। आलम यह है, कि किचिन कक्ष में मध्यान्ह भोजन बनाया जाता है, और वहीं प्राथमिक शाला के पांच कक्षायें संचालित हो रहीं हैं। यहां प्राथमिक शाला की दर्ज संख्या 30 है जिन्हें पढाने के लिये दो शिक्षक तैनात हैं, और एक ही कक्ष में संचालित पांच कक्षाओं को बारी-बारी से पढाने का कार्य करते हैं। हलांकि इस दौरान एक साथ संचालित होने वाली कक्षाओं के कारण पहली कक्षा का विद्यार्थी पांचवीं की पुस्तक पढ रहा है वहीं पांचवी का छात्र पहली की पुस्तकें पढने को मजबूर है। ग्रामीणों ने बतलाया कि गांव में अन्य कोई शासकीय भवन नहीं है, जहां शाला का संचालन कराया जा सके। वहीं निजी भवनों में भी इतनी जगह नहीं कि पांच कक्षाओं का संचालन कराया जा सके। जर्जर हो चुके प्राथमिक शाला भवन के संबंध में वरिष्ठ कार्यालय को भी अवगत कराया जा चुका है। बावजूद इसके वैकल्पिक व्यवस्था या नवीन भवन निर्माण के लिये कोई भी पहल नहीं की गई है।

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