डिंडौरी।महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) के तहत श्रमिक नियोजन में गंभीर लापरवाही सामने आने पर जनपद पंचायत डिंडौरी ने 22 ग्राम पंचायतों के सचिवों और रोजगार सहायकों को कारण बताओ सूचना पत्र जारी किया है। यह नोटिस जनपद पंचायत डिंडौरी के मुख्य कार्यपालन अधिकारी द्वारा जारी किया गया।
इन ग्राम पंचायतों को जारी हुआ नोटिस:
अमनीपिपरिया, बटौंधा, छिवलीमांल, धनुवासागर, दूधीमझौली, घानाघाट, केवलारी, कुईमाल, मुड़िया खुर्द, नारायनडीह, नरिया, नेवसा पाकरबर्धरा, पलकी, रकरिया, सहजपुरी, सरई, सिलहरी, सिमरिया, सुबखार, विदयपुर तथा विक्रमपुर।
नोटिस में उल्लेख है कि वित्तीय वर्ष 2025–26 के लिए मनरेगा के तहत शत-प्रतिशत वार्षिक लेबर नियोजन किया जाना अनिवार्य है। समीक्षा बैठक में मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जिला पंचायत डिंडौरी ने नाराजगी व्यक्त करते हुए स्पष्ट निर्देश दिए थे कि सभी ग्राम पंचायतें लक्ष्य के अनुरूप श्रमिक नियोजन सुनिश्चित करें। इसके बावजूद कई पंचायतों में नियोजन प्रगति बेहद धीमी पाई गई।
पत्र में कहा गया है कि हितग्राही एवं सामुदायिक कार्य पर्याप्त मात्रा में प्रगतिरत होने के बावजूद श्रमिकों को समय पर रोजगार उपलब्ध नहीं कराया जा रहा। यह स्थिति कार्य के प्रति उदासीनता तथा पदीय दायित्वों में घोर लापरवाही को दर्शाती है। लापरवाही के कारण जनपद एवं जिले की प्रगति भी प्रभावित हो रही है।
जॉब कार्डधारियों को रोजगार देना पहली प्राथमिकता
नोटिस में स्पष्ट लिखा गया है कि मनरेगा के तहत जॉब कार्डधारी मजदूरों को रोजगार उपलब्ध कराना सर्वोच्च प्राथमिकता है, लेकिन संबंधित सचिवों और रोजगार सहायकों द्वारा लेबर नियोजन को गंभीरता से नहीं लिया गया।
जवाब नहीं मिला तो होगी कार्रवाई
पत्र में चेतावनी देते हुए कहा गया है कि मनरेगा योजनांतर्गत वर्ष 2025–26 के लक्ष्य के अनुरूप श्रमिक नियोजन तुरंत सुनिश्चित करें, अन्यथा वेतन कटौती एवं अनुशासनात्मक कार्रवाई हेतु प्रस्ताव वरिष्ठ कार्यालय को भेजा जाएगा, जिसकी सम्पूर्ण जिम्मेदारी संबंधित अधिकारी/कर्मचारी की स्वयं होगी।











