विकास बैठक में उठे गंभीर मुद्दे: सड़कों की गुणवत्ता, डॉक्टरों की कमी और जल संकट पर मंत्री सख्त
डिंडौरी।जिला विकास सलाहकार समिति की बैठक कलेक्टर सभाकक्ष में प्रभारी मंत्री श्रीमती प्रतिमा बागरी की अध्यक्षता में संपन्न हुई, जिसमें जिले के विकास कार्यों की समीक्षा के दौरान कई गंभीर मुद्दे सामने आए। बैठक में सांसद डॉ. फग्गन सिंह कुलस्ते, विधायक ओमप्रकाश धुर्वे, विधायक ओमकार सिंह मरकाम सहित जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी मौजूद रहे।
बैठक में सबसे ज्यादा जोर विकास कार्यों की गुणवत्ता, स्वास्थ्य सेवाओं की बदहाली और जल संकट जैसे मुद्दों पर रहा। जनप्रतिनिधियों ने जबलपुर-डिंडौरी-अमरकंटक नेशनल हाईवे निर्माण में गुणवत्ता को लेकर गंभीर शिकायत दर्ज कराई, जिस पर मंत्री ने नाराजगी जताते हुए एक सप्ताह में जांच रिपोर्ट देने के निर्देश दिए।
स्वास्थ्य व्यवस्था पर भी सवाल उठे, जहां जिले में 137 स्वीकृत डॉक्टरों के मुकाबले मात्र 47 डॉक्टरों की मौजूदगी उजागर हुई। इस स्थिति को गंभीर मानते हुए मंत्री ने विशेषज्ञ डॉक्टरों की उपलब्धता सुनिश्चित करने और प्रस्ताव भोपाल भेजने के निर्देश दिए।
किसानों के ऑनलाइन पंजीयन में सर्वर समस्या, नहरों और जलाशयों से पर्याप्त पानी नहीं मिलने, तथा सिंचाई व्यवस्था में लापरवाही जैसे मुद्दों पर भी चर्चा हुई। अनुपस्थित जल संसाधन अधिकारी पर मंत्री ने सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए।मोबाइल नेटवर्क समस्या, अवैध कॉलोनियों में सड़क निर्माण और सीवर लाइन के घटिया कार्यों को लेकर भी मंत्री ने जांच के आदेश दिए।
प्रभारी मंत्री ने साफ शब्दों में कहा कि विकास कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और सभी विभाग जवाबदेही के साथ कार्य करें, ताकि आमजन को योजनाओं का लाभ मिल सके।कुल मिलाकर बैठक में विकास के दावों के बीच जमीनी हकीकत उजागर हुई और कई विभागों की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हुए।











