डिण्डौरी | डिण्डौरी जिले के शहपुरा क्षेत्र में जल निगम विभाग की बहु-करोड़ी परियोजना के तहत बिलगढ़ा बांध क्षेत्र में वाटर ट्रीटमेंट प्लांट का निर्माण चल रहा है। यह कार्य मेसर्स जीए इंफ्रा प्राइवेट लिमिटेड, जयपुर द्वारा लगभग 294 करोड़ रुपये की लागत से 316 गांवों तक पेयजल पहुंचाने के उद्देश्य से किया जा रहा है।लेकिन इसी परियोजना की आड़ में बांध जैसे अत्यंत संवेदनशील क्षेत्र में बिना किसी वैधानिक अनुमति के खुलेआम ब्लास्टिंग कर दी गई—वह भी कथित तौर पर विभागीय जिम्मेदारों की निगरानी में।जानकारी के अनुसार न तो विस्फोटक विभाग से अनुमति ली गई, न ही पुलिस या प्रशासन को पूर्व सूचना दी गई। नियम-कानून को ताक पर रखकर किए गए विस्फोटों ने न सिर्फ आसपास के इलाकों को खतरे में डाला, बल्कि बांध की दीर्घकालिक सुरक्षा पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।वही शहपुरा पुलिस ने इस मामले में कंपनी के प्रोजेक्ट मैनेजर अनिल कैथ, ब्लास्टर दीपक बाजपेई सहित कुल पांच लोगों के विरुद्ध विस्फोटक अधिनियम की धारा 5, 9(ख) एवं बीएनएस की धारा 288 के तहत अपराध दर्ज किया है।थाना प्रभारी अनुराग जामदार के अनुसार तीन आरोपी पुलिस हिरासत में हैं, जबकि दो आरोपी फरार बताए जा रहे हैं—जिनकी तलाश जारी है।
बीडीएस टीम ने पकड़ा ‘जिंदा बारूद’
मामला सामने आने के बाद बालाघाट से बीडीएस टीम, शहपुरा पुलिस, तहसीलदार और खनिज विभाग का अमला मौके पर पहुंचा। जांच के दौरान 6 नग जिंदा विस्फोटक बरामद किए गए—जिससे इलाके में हड़कंप मच गया।
आगे और नाम जुड़ने के संकेत
पुलिस सूत्रों का कहना है कि जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ेगी, आरोपियों की सूची लंबी हो सकती है। वहीं जल निगम के अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि दोषी पाए जाने पर ठेकेदार कंपनी के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएगी।










