डिण्डौरी।जिले शहपुरा एवं आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में बिना वैध डिग्री और बिना लाइसेंस के झोलाछाप डॉक्टरों द्वारा धड़ल्ले से क्लीनिक संचालित किए जाने का गंभीर मामला सामने आया है। ये कथित डॉक्टर बड़े-बड़े इलाज के दावे करते हुए न सिर्फ मरीजों का उपचार कर रहे हैं, बल्कि बिना दवा बिक्री लाइसेंस के लाखों रुपए की दवाइयाँ भी खुलेआम बेच रहे हैं।आलम यह है कि शहपुरा के मुख्यमार्ग में ही न जाने कितनी अवैध क्लीनिक सचांलित हो रही है।
साथ ही सूत्रो से प्राप्त जानकारी के अनुसार ये झोलाछाप डॉक्टर बिना बैच नंबर व बिना वैध दस्तावेजों की दवाइयाँ बाहर से मंगवाकर मरीजों को दे रहे हैं और मनमाने पैसे वसूल रहे हैं। मरीज को इन दवाओं से लाभ हो रहा है या नुकसान, इसकी इन्हें कोई परवाह नहीं है। यह स्थिति आमजन के स्वास्थ्य के साथ खुला खिलवाड़ है।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि इन झोलाछाप डॉक्टरों को राजनीतिक संरक्षण प्राप्त है, जिसके चलते अब तक इनके खिलाफ प्रभावी कार्रवाई नहीं हो सकी है। यह भी कहा जा रहा है कि पूरे मामले की जानकारी होने के बावजूद प्रशासन आंख मूंदे बैठा है।
जब इस संबंध में खंड चिकित्सा अधिकारी सतेंद्र परस्ते से बात की गई तो उन्होंने बताया कि “झोलाछाप डॉक्टरों के विरुद्ध समय-समय पर कार्रवाई की जाती रही है। आपने मामला संज्ञान में लाया है, इस पर त्वरित संज्ञान लेते हुए एक टीम गठित कर जांच कराई जाएगी और दोषियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएगी।”अब देखने वाली बात यह होगी कि प्रशासन की यह घोषणा केवल बयान तक सीमित रहती है या वास्तव में झोलाछाप डॉक्टरों पर शिकंजा कसता है।










