डिंडौरी।जिला चिकित्सालय डिंडौरी में अव्यवस्थाओं का आलम लगातार सामने आ रहा है। मरीजों और उनके परिजनों को बुनियादी सुविधाओं के लिए भी संघर्ष करना पड़ रहा है। शुक्रवार रात एक ऐसा ही गंभीर मामला सामने आया, जिसने अस्पताल की व्यवस्थाओं पर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया।प्राप्त जानकारी के अनुसार ग्राम पिंडरुखी निवासी एक युवक शुक्रवार रात करीब 10:45 बजे एंबुलेंस से अपनी गर्भवती पत्नी को प्रसव पीड़ा की स्थिति में जिला चिकित्सालय लेकर पहुंचा। एंबुलेंस अस्पताल परिसर में पहुंचने के बाद महिला करीब 10 मिनट तक एंबुलेंस में ही दर्द से कराहती रही, लेकिन न तो कोई कर्मचारी मदद के लिए आया और न ही स्ट्रेचर उपलब्ध कराया गया।
महिला के पति ने बताया कि वह अस्पताल परिसर में लगातार कर्मचारी और स्ट्रेचर की तलाश करता रहा, लेकिन कहीं कोई मदद नहीं मिली। मजबूर होकर उसे अपनी पत्नी को गोद में उठाकर मेटरनिटी वार्ड तक ले जाना पड़ा। इसके बाद ही महिला का उपचार शुरू हो सका।परिजनों का कहना है कि यदि इस दौरान महिला की हालत बिगड़ जाती तो इसकी जिम्मेदारी किसकी होती। मेटरनिटी जैसे संवेदनशील वार्ड तक पहुंचाने के लिए न स्टाफ मिला और न ही बुनियादी सुविधा, यह बेहद चिंताजनक है।
जिला चिकित्सालय की व्यवस्थाओं में सुधार की मांग समय-समय पर की जाती रही है, लेकिन जमीनी हकीकत में हालात जस के तस बने हुए हैं। ऐसी लापरवाही कभी भी किसी बड़े हादसे का कारण बन सकती है।अब सवाल यह है कि जिम्मेदार अधिकारी इस घटना पर क्या संज्ञान लेते हैं और अस्पताल की व्यवस्थाओं में कब तक सुधार होता है।










