
डिण्डौरी- खेती-किसानी के लिए जरूरी खाद और कीटनाशकों की कालाबाजारी ने किसानों की कमर तोड़ दी है। शासन द्वारा तय कीमतों से कई गुना अधिक दाम पर खाद मिलने से किसान परेशान हैं। इस गंभीर समस्या को लेकर गुरुवार को भारतीय किसान संघ तहसील शहपुरा ने एसडीएम को ज्ञापन सौंपकर तत्काल कार्यवाही की मांग की।

शासन दर से कई गुना ज्यादा वसूली

शासन द्वारा यूरिया की कीमत ₹266 प्रति बैग और डीएपी की कीमत रू1350 निर्धारित की गई है। लेकिन क्षेत्र की लाइसेंसधारी दुकानों पर किसानों से मनमाने दाम वसूले जा रहे हैं। कहीं यूरिया की बोरी रू950 से रू1000 तक बेची जा रही है तो वहीं डीएपी रू1800 से रू2000 तक पहुंच गई है। इस खुली लूट पर कृषि विभाग मौन है, जिससे दुकानदारों के हौसले और बुलंद हो रहे हैं।
किसान संघ ने दी चेतावनी
किसान संघ ने चेतावनी दी है कि यदि इस कालाबाजारी पर जल्द अंकुश नहीं लगाया गया तो किसान मजबूरन सड़क पर उतरकर आंदोलन करेंगे।संघ के तहसील अध्यक्ष प्रमोद कुमार मौर्य ने कहा “हम प्रशासन से गुहार लगा चुके हैं, यदि किसानों के साथ अन्याय जारी रहा तो किसान अपने हक के लिए आंदोलन करने बाध्य होंगे।वही ज्ञापन मिलने के बाद किसान संघ व्दारा दी गई जानकारी के आधार पर एसडीएम शहपुरा ने किसानों को आश्वासन दिया कि सभी लाइसेंसधारी दुकानों की जांच करवाई जाएगी और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। साथ ही यह सुनिश्चित किया जाएगा कि किसानों को खाद और कीटनाशक शासन द्वारा तय दरों पर ही उपलब्ध हो।
