डिंडौरी। जिले के शहपुरा मुख्यालय के वार्ड नं 03 में स्थित मंहगी तालाब के जीर्णोद्धार एवं जल संरक्षण के नाम पर किये गए भ्रष्टाचार की शिकायत कलेक्टर कार्यालय में की गई है। शिकायत में शहपुरा के वार्ड नंबर 13 निवासी रामदयाल यादव ने लेख किया कि शहपुरा नगर के ठीक मध्य में वार्ड नं 03 में स्थित मंहगी तालाब जो की नगर का सबसे बड़ा तालाब है। नगर की लगभग आधी से ज्यादा आबादी पिछले 70 वर्षों से उस तालाब के जल को अपने दैनिक निस्तार जैसे नहाना, कपड़े धोना एवं पशुधन को पानी पिलाना आदि कार्य में उपयोग किया करती थी। इसके अलावा उसी तालाब में मछली पालन हेतु शासकीय ठेका भी दिया जाता था, लेकिन नगर परिषद् शहपुरा के द्वारा तालाब जीर्णोद्धार एवं जल संरक्षण के नाम पर लाखों रुपये खर्च करने के बाद भी तालाब अपूर्ण और एकदम बदहाल हो गया है। तालाब का जल पूरी तरह से गन्दा हो गया है। गंदगी के कारण अब उस तालाब का जल जनमानस के निस्तार योग्य नहीं बचा है। तालाब के चारो तरफ मेढ पर लोगो द्वारा खुले में शौंच किया जा रहा है, जिसके कारण तालाब के चारो तरफ गंदगी का अम्बार लग गया है जिससे गंदगी के कारण बदबू रहवासी क्षेत्र में फैल रही है।
स्वच्छ भारत अभियान की भी नहीं परवाह:
तालाब की मेढ को मार्ग के रूप में भी उपयोग किया जाता था। उसी मेढ के मार्ग का उपयोग करके स्कूली छात्र अपने स्कूल एवं आमजन बाजार आने जाने में करते है, लेकिन फैली हुई गंदगी और बदबू के कारण वहा से गुजरना भी मुश्किल हो गया है। फैलती हुई गंदगी के कारण वहा के रहवासियों को कई संक्रामक बीमारियों का शिकार होना पड़ रहा है। इससे स्पष्ट प्रतीत होता है कि नगर परिषद् शहपुरा को देश के प्रधानमंत्री द्वारा चलाये गए स्वच्छ भारत अभियान की भी परवाह नहीं है। शासन द्वारा जीर्णोद्धार एवं जल संरक्षण हेतु लगभग एक करोड़ रूपये से अधिक राशि नगर परिषद शहपुरा को दी गई थी, लेकिन नगर परिषद शहपुरा के अधिकारी एवं कर्मचारियों द्वारा उस शासकीय राशि का दुरूपयोग एवं घोटाला करते हुए मंहगी तालाब का अस्तित्व ही मिटा दिया गया है, जो एक गंभीर मामला है। जबकि शासन द्वारा जल स्रोतों के संरक्षण हेतु अलग से विशेष योजनाये चलाई जा रही है। इसके ठीक विपरीत नगर परिषद् शहपुरा के द्वारा जल स्रोतों का अस्तित्व ही मिटाया जा रहा है।
चन्त्री तालाब का किया जा रहा जीर्णोद्वारः
वहीं अब नगर परिषद द्वारा वार्ड नंबर 13 में स्थित चन्त्री तालाब का जीर्णोद्धार एवं जल संरक्षण का कार्य प्रारंभ करा दिया गया है जबकि पिछले 10 वर्षों से मंहगी तालाब का कार्य पूर्ण नहीं हुआ है और अब नगर के मंहगी तालाब की भांति चन्त्री तालाब भी भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ जायेगा और अब उसका भी अस्तित्व खतरे में आ गया है। कलेक्टर से मांग की गई है कि मंहगी तालाब का भौतिक निरीक्षण करते हुए मामले की जाँच कराकर तालाब का कार्य पूर्ण कराया जाए ताकि नगर की जनता को वहां पर फैली हुई गंदगी से राहत मिल सके। तालाब का जल पुनः जनमानस के निस्तार योग्य हो जाये साथ ही जब तक मंहगी तालाब का कार्य पूर्ण नहीं हो जाता तब तक चन्त्री तालाब का कार्य बंद कराने की गुहार लगाई है है।











