डिंडौरी : कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में आज सोमवार को कलेक्टर श्रीमती नेहा मारव्या की अध्यक्षता में स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा बैठक की गई। बैठक में जिले की मातृ मृत्यु दर एवं शिशु मृत्यु दर को कम करने हेतु विस्तार से चर्चा की गई।
कलेक्टर ने सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि गर्भवती महिलाओं का शत-प्रतिशत एएनसी पंजीयन सुनिश्चित किया जाए एवं हाई रिस्क गर्भवती महिलाओं की समय-समय पर स्वास्थ्य जांच कर समुचित उपचार उपलब्ध कराया जाए।
उन्होंने सभी विकासखंड चिकित्सा अधिकारियों को निर्देश दिए कि आशा व एएनएम कार्यकर्ताओं की नियमित बैठकें आयोजित कर स्वास्थ्य सेवाओं की जमीनी स्थिति की समीक्षा की जाए। समीक्षा के दौरान ऐसे विकासखंड जिनकी प्रगति विभिन्न पैरामीटरों में अपेक्षाकृत कम रही है, उन्हें शीघ्र सुधारात्मक कार्यवाही करने के निर्देश दिए गए।
बैठक में टीबी उन्मूलन, सिकल सेल एनीमिया नियंत्रण, आयुष्मान कार्ड तथा अन्य महत्वपूर्ण स्वास्थ्य विषयों की भी गहन समीक्षा की गई।
कलेक्टर श्रीमती नेहा मारव्या ने जिले में सर्पदंश की घटनाओं को गंभीरता से लेते हुए मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी को एक-एक सर्पदंश के मरीजों का विवरण जानने हेतु कब मरीज को सर्प ने काटा, कितनी देर बाद मरीज अस्पताल में पहुंचा और कितनी देर बाद उसका उपचार किया गया और कब उसे रेफर किया गया और किन कारण से उसकी मृत्यु हुई का प्रतिवेदन तीन दिवस के अन्दर प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। ताकि संबंधित पर कार्यवाही की जा सके।
कलेक्टर श्रीमती नेहा मारव्या ने संस्थागत प्रसव, टीकाकरण, सिकल सेल, मातृ मत्यू दर, शिशु मृत्यु दर में कमजोर प्रदर्शन करने वाले एएनएम, सीएचओ, के विरूद्ध कार्यवाही करने के निर्देश दिए। साथ ही साथ बीएमओ करंजिया और बीएमओ मेंहदवानी को प्रगति कार्य में लापरवाही एवं चार एएनएम की जांच में कम प्रदर्शन होने पर कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए।
बैठक में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. रमेश मरावी, सिविल सर्जन डॉ. अजय राज, जपारको से जिला समन्वयक, डीएचओ 1-2, डीआईओ, डीपीएम, समस्त बीएमओ, बीपीएम, बीसीएम, बीईई, डब्ल्यूएचओ, एसएमओ एवं अन्य संबंधित अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।











