कलेक्टर श्रीमती नेहा मारव्या की अध्यक्षता में समय-सीमा बैठक सम्पन्न
डिंडौरी : कलेक्टर श्रीमती नेहा मारव्या की अध्यक्षता में सोमवार को कलेक्ट्रेट सभागार में समय-सीमा बैठक का आयोजन किया गया। बैठक में जिले के समस्त विभागीय अधिकारियों की उपस्थिति में महत्वपूर्ण मुद्दों पर गहन समीक्षा की गई। कलेक्टर श्रीमती मारव्या ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जनहित से जुड़े कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही या देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि सभी लंबित प्रकरणों का समयबद्ध निराकरण सुनिश्चित किया जाए एवं योजनाओं का लाभ पात्र हितग्राहियों तक सही समय पर पहुंचे। उन्होंने अवैध परिवहन की गतिविधियों पर सख्त निगरानी रखने और कार्यवाही करने के निर्देश दिए। मादक पदार्थों की रोकथाम हेतु स्थापित चेक पोस्ट की प्रभावशीलता की समीक्षा की गई और निगरानी मजबूत करने के निर्देश दिए। खनिज विभाग द्वारा अवैध खनन पर कार्यवाही की जानकारी ली। डुप्लिकेट और समय पर ई.केवाईसी से संबंधित प्रगति पर विभागीय समीक्षा की। पेंशन, समग्र रजिस्ट्रेशन, बीज, खाद वितरण जैसे जनकल्याणकारी योजनाओं में लंबित प्रकरणों को शीघ्र निपटाने के निर्देश दिए। और राजस्व एवं वन अधिकार पत्र से संबंधित प्रकरणों की समीक्षा की गई।
कलेक्टर श्रीमती नेहा मारव्या ने जिला शिक्षा अधिकारी, डीपीसी एवं अनुविभागीय अधिकारी को निर्देश देते हुए कहा कि अपने-अपने क्षेत्राधिकार के अंतर्गत आने वाले विद्यालयए शाला में छात्र-छात्राओं को प्राथमिकता के साथ प्रवेश दिलाने में विशेष ध्यान दें। जिससे जिले का कोई भी छात्र वंचित न रहे।
कलेक्टर श्रीमती नेहा मारव्या ने जिले के विद्यालय, शालाओं की स्थिति को गंभीरता से लेते हुए सहायक आयुक्त जनजाति कार्य विभाग और जिला शिक्षा अधिकारी को पुराने विद्यालय से नवीन भवन में छात्र-छात्राओं को प्रवेश दिलाकर संचालित करने के निर्देश दिए। साथ ही साथ सीएमओ नगरपालिका को सीएम हेल्पलाइन, ईकेवाइसी प्रकरण में लापरवाही करने पर नोटिस जारी करने के निर्देश दिए। इसी प्रकार परिवहन अधिकारी डिंडौरी को सीएम हेल्पलाइन एवं नियमित रूप से यात्रीबसों में नियमित निरिक्षण, फिटनेस प्रमाण पत्र जांच कर चालानी कार्यवाही करने के निर्देश दिए।
कलेक्टर ने सीएम हेल्पलाइन के नोडल डिप्टी कलेक्टर डिंडौरी को सर्वविभागीय समन्वय के साथ सीएम हेल्पलाइन के प्रकरणों को हल कराने हेतु विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए। ताकि समयसीमा के अंदर सीएम हेल्प लाइन का निराकरण किया जा सके।
कलेक्टर श्रीमती मारव्या ने डीपीसी, जिला शिक्षा अधिकारी एवं सहायक आयुक्त को लंबे समय से पदस्थ बीआरसी, बीएसी, बीओ, को परिवर्तन करने के निर्देश दिए ताकि शिक्षा के स्तर में नियमित रूप से गति लायी जा सके। कलेक्टर श्री मती नेहा मारव्या ने समाचार पत्र में प्रकाशित की ग्राम कुसेरा से विद्यालय जाते बच्चों को कीचड़ भरे रास्ते को दिखाया गया जिसे कलेक्टर ने गंभीरता से लेते हुए तुरंत प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना के अधिकारी को निर्देश देते हुए कहा कि आज ही रोड का निरिक्षण कर, स्टीमेट तैयार कर पीएमजीएसवाई योजना के माध्यम से बनाने के निर्देश दिए।
कलेक्टर श्रीमती मारव्या ने महिला बाल विकास विभाग को मानव संरक्षण आयोग को लंबे समय से लंबित जानकारी को समय पर न भेजना और नवीन आंगनवाड़ी केंद्र में आने-जाने का मार्ग, न पानी फिर भी महिला बाल विकास अधिकारी के द्वारा हेंडओवर लेने पर कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए।
कलेक्टर श्रीमती मारव्या ने सर्वशिक्षा अभियान जिला शिक्षा अधिकारी को सख्त निर्देश दिए है की जर-जर भवन प्राथमिक शाला, प्राथमिक आश्रम, माध्यमिक शाला, एकीकृत प्राथमिक शाला एवं अन्य भवनों की स्थिति को देखकर अध्ययनरत छात्र-छात्रओं को अन्य सुरक्षित जगह पर कक्षायें संलाचित की जाये, एक माह से निंरतर बच्चों की सुरक्षा की दृष्टि से निंरतर सुरक्षा हेतु निर्देश दिए जा रहे। फिर भी आपके द्वारा लापरवाही की जाती है या कोई जोखिम सामने आता है तो संबंधित विभाग प्रमुख की जिम्मेदारी होगी और उन पर कानूनी कार्यवाही की जायेगी। साथ ही साथ खनिज अधिकारी को अवैध उत्खनन, अवैध परिवहन, अवैध भंडारण एवं अन्य खनन से संबंधित प्रकरणों पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए।
कलेक्टर ने पीएचई विभाग को निर्देश दिए है कि आपके द्वारा जिले के आम रास्तों में पाइपलाइन बिछाने के कारण गड्डे, नालीं, कीचड़ निर्मित हो जाने से आवागमन एवं स्कूली बच्चों को आने-जाने में परेशानी आ रही है जिसे देखते हुए संबंधित एसडीएम जांच कर पीएचई, जल-जीवन मिशन, नल-जल योजना संबंधित अधिकारियों पर कार्यवाही करने के निर्देश दिए, की सड़क को समतलीकरण तीन दिवस के अंदर किया जाये। जिससे आवागमन प्रभावित न हो सके।
कलेक्टर श्रीमती नेहा मारव्या ने एमपीईबी अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि आपके स्थापित विद्युत प्लांट या लगे ट्रासंफार्मर भूमि पर किसी प्रकार का अतिक्रमण बर्दाश्त नहीं किया जायेगा । उसे हटाने हेतु तहसीलदार और एसडीएम की सहायता लेकर तुरंत अतिक्रमण हटाया जाये।
कलेक्टर ने तहसीलदार, एसडीएम को सख्त निर्देश दिए की आपके क्षेत्र के अंतर्गत बाढ़, वर्षा, अतिवृष्टि, भराव, नदी-नाले, बांध टूटने के कारण आयी फसल नुकसान, क्षति के प्रकरण तैयार कर शीघ्र कलेक्ट्रेट कार्यालय में संबंधित शाखा प्रभारी के पास जमा करे ताकि भोपाल भेजकन संबंधित किसान को समय पर राहत राशि मिल सके। कलेक्टर डिंडौरी ने राजस्व प्रकरण का शीघ्र निराकरण करने हेतु एसडीएम, तहसीलदार को समय पर निराकरण करने के निर्देश दिए। साथ ही साथ राजस्व वसूली पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने समस्त सीईओ को इे-केवाइसी, समग्र आईडी, आधार कार्ड एवं पोर्टल पर अपलोड करने के निर्देश दिए। और प्राप्त लक्ष्य की तुलना में कम कार्य करने वाले जनपद सीईओ पर कार्यवाही की जाऐगी।
कलेक्टर ने मुख्य चिकित्स एवं स्वास्थय अधिकारी को सीएम हेल्प लाइन पर उचित जवाब देने के निर्देश दिए और साथ ही साथ जिन समस्याओं का जवाब का राज्य स्तर पर हल होना है उनकी निराकरण हेतु राज्य स्तरीय अधिकारियों को पत्र लिखकर निराकरण किया जाए। फिर भी समस्यां का हल न हो उसके बाद मेरे हस्ताक्षर से एवं दूरभाष पर मेरे से चर्चा कर निराकरण करने का प्रयास किया जाये। ताकि हितग्राही की समस्यां का निराकरण किया जा सके।
कलेक्टर ने विभाग अधिकारी, छात्रावास निरिक्षक नोडल की समीक्षा करते हुए सीसीटीवी कैमरा, सार्थक एप पर 100 प्रतिशत उपस्थिति, पेयजल, खाद्य सामग्री, आवास, बिस्तर, शौचालय आदि समस्यां जिम्मेदारी के साथ निरिक्षण कर शिक्षा अधिकारी, डीपीसी, सहायक आयुक्त जनजतीय कार्यविभाग से समन्वय स्थापित कर छात्रावास के बच्चों को सर्व सुविधा युक्त वातावरण उपलब्ध कराया जाये। यदि मेरे निरिक्षण के दौरान किसी प्रकार की कमी पायी जाती है तो छात्रावास अधिक्षक के साथ-साथ संबंधित नोडल अधिकारी पर भी कार्यवाही कि जायेगी।
बैठक के दौरान एसडीएम श्री एश्वर्य वर्मा शहपुरा, श्री रामबाबू देवांगन एसडीएम बजाग, डिप्टी कलेक्टर श्री वैद्यनाथ वासनिक,सहायक आयुक्त श्री राजेन्द्र कुमार, एमपीईबी श्री राकेश बघेल, श्री एच.पी शुक्ला पशु चिकित्सा अधिकारी, आयुष अधिकारी श्री संतोष परस्ते, डीपीसी श्री राघवेन्द्र मिश्रा, पीएचई श्री अफजल इमाम उल्लां, पुलिस, वन विभाग, सहित अन्य अधिकारी कर्मचारी उपस्थित रहे।











