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बांध का पानी ओव्हरफ्लो और वेस्ट वेयर क्षतिग्रस्त होने से खेतों में घुसा पानी दर्जनों किसानों की फसल नष्ट, मुआवजे की मांगजनपद शहपुरा के घुंडी सरई का मामला

Kashi Agrawal

डिण्डौरी- शहपुरा जनपद पंचायत अंतर्गत ग्राम पंचायत चंदवाही के पोषक ग्राम घुंडी सरई माल में बुधवार को भारी बारिस के दौरान स्थित बांध का पानी ओव्हर फ्लो और वेस्ट वेयर क्षतिग्रस्त होने से दर्जनो किसानो की फसल पानी से नष्ट हो गई। जिसकी षिकायत किसानो ने कलेक्टर सहित एसडीएम शहपुरा और तहसीलदार शहपुरा से करते हुए मुआवजा राषि दिलाये जाने की मांग की गई है। किसानो ने अपनी षिकायत में बतलाया कि बुधवार सुबह से तेज बारिष का दौर शुरू हुआ और लगातार दोपहर तक बारिष होने से बांध में पानी का भराव अधिक हो गया, जिससे पानी ओवरफ्लो हो गया तथा वेस्ट वेयर भी पानी के दबाव के कारण क्षतिग्रस्त होने से बडी तादाद में पानी की निकासी शुरू हो गई जिससे बाढ जैसे हालात बन गये और दर्जनों किसानों के खेतों में लगी फसल इसकी चपेट में आकर नष्ट हो गई।

बांध बनने से किसानों का हुआ नुकसान

घुंडी सरई के पीडित किसानों ने बतलाया कि वर्ष 2012-13 में जल संसाधन विभाग द्वारा एक करोड से अधिक की लागत से बांध का निर्माण कराया गया था। इस दौरान जिन किसानों की जमीन में वेस्ट वेयर का निर्माण कराने का सर्वे किया गया था, लेकिन उस भूमि में वेस्ट वेयर का निर्माण नहीं कराया गया तब किसानों ने आपत्ति भी दर्ज की थी लेकिन मनमानी तरीके से निर्माण को अंजाम दिया गया था, किसानों ने बतलाया कि बांध निर्माण के बाद उनकी फसलों की सिंचाई के लिये पानी भी नहीं मिला जबकि सर्वे कार्य के दौरान जल संसाधन विभाग के अधिकारियों द्वारा यह कहा गया था कि सैकडों एकड भूमि में बांध के पानी से सिंचाई की जायेगी तथा किसानों की उपज में भी इजाफा होगा। लेकिन इसके विपरीत बांध बनने के बाद किसानों को नुकसान ही उठाना पड रहा है।

किसानों ने की मुआवजा की मांग

बुधवार को बांध के पानी से दर्जनों किसानों के खेत में बाढ जैसे हालात बन गये और किसानों की खडी फसल नष्ट हो गई जिससे किसानों को भारी नुकसान हुआ है। किसानों ने बतलाया कि बांध निर्माण के दौरान उनकी जमीनों को अधिगृहित कर दिया गया था जिसके बाद बची हुई जमीन में वह फसल उगाकर परिवार का पालन पोषण करते थे लेकिन बुधवार को उनकी पूरी फसल पानी के तेज बहाव में नष्ट हो गई है। जिससे उन्हें आर्थिक क्षति हुई है साथ ही परिवार के भरण पोषण के लिये भी चिंता सताने लगी है, ऐसी दषा में प्रषासन से मुआवजा दिलाये जाने की मांग की गई है।

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