डिंडौरी। जनपद करंजिया अंतर्गत हर्राटोला गारकामट्टा गांव में एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां 68 वर्षीय रामकली बाई को मृत दर्शाकर उनके पुत्र ने कूटरचित दस्तावेजों के आधार पर जमीन अपने नाम करा ली। पीड़ित वृद्धा ने मंगलवार को जनसुनवाई में कलेक्टर से मामले की शिकायत करते हुए फर्जी फौतीनामा निरस्त करने और दोषियों पर कार्रवाई की मांग की है।
रामकली बाई ने अपने आवेदन में बताया कि उनके पति स्व. भूरा सिंह की मृत्यु 24 नवंबर 2008 को हुई थी। इसके बाद पुत्र गेंद सिंह ने राजस्व अमले से मिलकर फर्जी दस्तावेज तैयार कर पिता की संपत्ति अपने नाम कराने की प्रक्रिया शुरू की। वृद्धा के अनुसार, नामांतरण प्रतिवेदन और पंचनामा में हल्का पटवारी जेपी यादव ने उनकी मृत्यु दर्ज कर दी, जबकि वह पूरी तरह जीवित हैं।
आरोप है कि पुत्र ने उनकी बेटी जमनी बाई के फर्जी हस्ताक्षर और अंगूठे से सहमति पत्र भी बनवाया है। प्रस्तुत पंचनामा में जिन लोगों के हस्ताक्षर हैं, उन्हें पीड़ित परिवार पहचानता तक नहीं है। इन फर्जी कागजों के आधार पर न्यायालय में भी गलत दस्तावेज प्रस्तुत कर वृद्ध महिला को उनके हक से वंचित कर दिया गया है।रामकली बाई ने जनसुनवाई में कलेक्टर से मांग की है कि उनके पुत्र गेंद सिंह और पटवारी जेपी यादव के खिलाफ कूटरचित दस्तावेज तैयार करने तथा जमीन से बेदखल करने पर एफआईआर दर्ज कर कड़ी कार्रवाई की जाए। वृद्धा ने आवेदन के साथ फर्जी नामांतरण प्रतिवेदन, पंचनामा, सहमति पत्र, मृत्यु प्रमाण पत्र और बेटी जमनी बाई के बयान की प्रतियां भी प्रस्तुत की हैं।











