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मनरेगा परियोजना अधिकारी पर विभागीय गोपनीयता भंग करने के आरोप,पुलिस अधीक्षक और जिला पंचायत सीईओ से हुई शिकायत

Kashi Agrawal


डिंडौरी।
 जिला पंचायत में गुटबाजी और तनातनी अब खुलकर सामने आ गई है। पिछले लंबे समय से आरोप प्रत्यारोप के बीच गोपनीयता भंग करने और विभागीय क्रियाकलापों को सार्वजनिक करने के आरोप लगा अधिकारियों को षिकायत की गई है। जिला पंचायत में पदस्थ डाॅटा मैनेजर ने अपने कार्यालय में ही पदस्थ परियोजना अधिकारी मनरेगा पर गोपनीयता भंग करने का आरोप लगाते हुये पुलिस अधीक्षक और जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी से षिकायत कर कार्रवाई की मांग की है।

डाटा मैनेजर द्वारा की गई लिखित शिकायत में कहा गया है की जिला पंचायत डिण्डौरी में पदस्थ प्रदीप कुमार शुक्ला, परियोजना अधिकारी मनरेगा द्वारा कार्यालयीन गोपनीय दस्तावेजों को बाहरी व्यक्तियों तक पहुंचाकर शासकीय गोपनीयता को भंग किया जा रहा है। षिकायत में उल्लेख किया गया है, कि दिनांक 26 सितम्बर 2025 को प्रातः 10.43 बजे कार्यालय कक्ष क्रमांक 10 में कार्यालीन कर्तव्य के दौरान, सीसीटीवी फुटेज एवं पैन ड्राइव डेटा के अनुसार, यह स्पष्ट प्रमाणित हुआ कि श्री शुक्ला ने प्रवीण कुमार गुप्ता की गोपनीय स्थापना सम्बन्धी दस्तावेजों की प्रतियां अपने निजी मोबाइल उपकरण से लेकर उन्हें तत्काल मीडिया प्रतिनिधियों को प्रेषित किया गया है। जिसके बाद प्रवीण गुप्ता के विरुद्ध समाचार प्रकाशित किया गया था। समाचार में स्पष्ट रूप से श्री शुक्ला द्वारा वरिष्ठ डेटा मैनेजर प्रवीण कुमार गुप्ता पर दबाव बनाकर भ्रामक तथ्यों को प्रस्तुत करने का उल्लेख किया गया है।

शिकायतकर्ता ने यह भी आरोप लगाया कि श्री शुक्ला पूर्व से ही दिनांक 03 दिसम्बर 2024 से लगातार ऐसे ही कार्यों में संलिप्त पाए जा रहे हैं। और प्रवीण कुमार गुप्ता से सम्बंधित दस्तावेज मीडिया को उपलब्ध कराते रहे है। जिससे समाचार पत्रों में निरंतर वेंडर सम्बन्धी खबर प्रकाशित हुई है। षिकायतकर्ता ने बतलाया कि श्री शुक्ला के इस कृत्य के कारण आवेदक की छवि धूमिल हुई है। आरोप यह भी लगाया गया है, कि निरंतर 03 दिसम्बर 2024 में श्री शुक्ला पीओ मनरेगा द्वारा मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा है। इस प्रकार की गतिविधिया विभागीय अनुशासनहीनता का घोर उदाहरण हैं तथा इससे शासन की छवि एवं प्रशासनिक कार्यप्रणाली की विश्वसनीयता पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है।

आवेदन में वरिष्ठ डाटा मैनेजर प्रवीण गुप्ता ने इस प्रकरण की तत्काल विभागीय, न्यायिक जांच कराने, जाँच अवधि में भी प्रदीप कुमार शुक्ला को विभागीय कार्यों में विरक्त कर जाँच करवाने का आग्रह किया है।

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