डिंडौरी | डिंडौरी जिले में सोमवार को कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित समय-सीमा बैठक के दौरान कलेक्टर श्रीमती नेहा मारव्या ने विभागीय कार्यों की गहन समीक्षा की और अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। बैठक में पुलिस अधीक्षक श्रीमती वाहनी सिंह, अपर कलेक्टर जे.पी. यादव, एसडीएम शहपुरा ऐश्वर्य वर्मा, एसडीएम बजाग रामबाबू देवांगन, एसडीएम डिंडौरी भारती मेरावी, डिप्टी कलेक्टर वैधनाथ वासनिक और प्रशिक्षु डिप्टी कलेक्टर अक्षय डिगरसे सहित जिले के समस्त विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।कलेक्टर ने कहा कि शासन द्वारा मांगी गई जानकारी निर्धारित समय-सीमा में सटीक और तथ्यात्मक रूप से प्रस्तुत की जाए। उन्होंने विभागों को निर्देश दिए कि लंबित पत्रकों के निराकरण में कोई लापरवाही न बरती जाए।बैठक के दौरान आंगनवाड़ी भवनों में पेयजल और विद्युत कनेक्शन की व्यवस्था पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए गए। कलेक्टर ने बताया कि जिले में लगभग 300 आंगनवाड़ी भवनों का निर्माण कार्य जारी है, जिनमें औसतन ₹16,000 की लागत से कार्य हो रहा है। उन्होंने प्रत्येक भवन की नियमित मॉनिटरिंग के लिए जिला अधिकारियों की ड्यूटी लगाने के निर्देश भी दिए।कलेक्टर श्रीमती मारव्या ने उपार्जन कार्यों की तैयारी की समीक्षा करते हुए मंडियों में सीसीटीवी कैमरे लगाने के निर्देश दिए ताकि पारदर्शिता बनी रहे और सभी गतिविधियों पर निगरानी रखी जा सके।सेवा पखवाड़ा के अंतर्गत संचालित गतिविधियों की समीक्षा में उन्होंने सभी नगर पंचायतों में विशेष साफ-सफाई अभियान चलाने और प्लास्टिक पॉलिथीन पर पूर्ण प्रतिबंध लागू करने पर बल दिया।बैठक में किसान पंजीयन, राहत राशि प्रकरण, समग्र ई-केवाईसी, सर्पदंश और पराली प्रबंधन जैसे विषयों पर भी विस्तार से चर्चा हुई। कलेक्टर ने सभी एसडीएम को अपने क्षेत्र में उपार्जन, उठाव और परिवहन कार्यों की 100 प्रतिशत तैयारी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
बैठक के अंत में कलेक्टर ने फर्जी बिल भुगतान से जुड़े मामले पर कड़ा रुख अपनाया। उन्होंने निर्देश दिए कि फोटोकॉपी दुकान के नाम पर किए गए फर्जी भुगतान की जांच कर दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाए।इसी क्रम में अन्य कार्यों में वित्तीय अनियमितता में लिप्त पाए गए ठेकेदार राजेश साहू के विरुद्ध एफआईआर दर्ज करने और उसे सरकारी कार्यों से पृथक कर ब्लैकलिस्ट करने के निर्देश जारी किए।कलेक्टर ने स्पष्ट कहा कि शासन की योजनाओं और विकास कार्यों में पारदर्शिता सर्वोच्च प्राथमिकता है, किसी भी स्तर पर अनियमितता या भ्रष्टाचार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।











