जबलपुर।डिंडोरी जिले के जनजाति कल्याण केंद्र महाकोशल बरगांव द्वारा प्रतिवर्ष आयोजित किए जाने वाले विशाल स्वास्थ्य एवं दिव्यांगजन सहायता शिविर के सफल आयोजन हेतु मेडिकल विश्वविद्यालय, जबलपुर के सभा कक्ष में एक महत्वपूर्ण तैयारी बैठक सम्पन्न हुई। इस वर्ष यह शिविर 9 नवम्बर को केंद्र परिसर, बरगांव में आयोजित किया जाएगा।
बैठक में आयोजन की रूपरेखा, स्वास्थ्य सेवाओं की व्यवस्थाएँ, दिव्यांगजनों के सहयोग हेतु आवश्यक सामग्री की उपलब्धता और विभिन्न विभागों की जिम्मेदारियों पर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया।
जनजाति कल्याण केंद्र के पदाधिकारियों ने जानकारी दी कि शिविर में विशेषज्ञ चिकित्सकों द्वारा परामर्श, जांच और उपचार की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। इसके अलावा नेत्र, दंत, अस्थि, स्त्री रोग, बाल रोग एवं सामान्य रोगों से संबंधित विशेष परामर्श शिविर भी लगाए जाएंगे।
दिव्यांगजनों के लिए विशेष व्यवस्था
शिविर के दौरान दिव्यांगजनों को न केवल निःशुल्क जांच और परामर्श दिया जाएगा बल्कि उनकी जरूरत के अनुसार सहायक उपकरण जैसे कृत्रिम अंग, बैसाखी, श्रवण यंत्र, व्हीलचेयर आदि भी वितरित किए जाएंगे। इस हेतु संबंधित विभागों को जिम्मेदारी सौंपी गई है, ताकि समय रहते सभी सामग्री की उपलब्धता सुनिश्चित की जा सके।
जनजागरण पर जोर
बैठक में उपस्थित अधिकारियों एवं विशेषज्ञों ने इस बात पर विशेष जोर दिया कि शिविर की जानकारी अधिक से अधिक लोगों तक पहुँचे, जिससे अधिकाधिक लाभार्थी शिविर का लाभ ले सकें। इसके लिए विभिन्न माध्यमों से जनजागरण अभियान चलाने का निर्णय लिया गया।बैठक में जनजाति कल्याण केंद्र के पदाधिकारी, मेडिकल विश्वविद्यालय प्रशासन, चिकित्सा क्षेत्र से जुड़े विशेषज्ञ डॉक्टर एवं संबंधित विभागों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे। सभी ने मिलकर शिविर को सफल बनाने के लिए अपने-अपने सुझाव और जिम्मेदारियों का निर्धारण किया जनजाति कल्याण केंद्र ने आशा व्यक्त की है कि इस शिविर के माध्यम से हजारों ग्रामीणों, आदिवासी भाई-बहनों और दिव्यांगजनों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएँ उपलब्ध कराई जा सकेंगी।











