डिंडोरी।मध्यप्रदेश शासन जनजातीय कार्य विभाग द्वारा कलेक्टर डिण्डोरी को जिला स्तर से जारी प्रशासकीय स्थानांतरण, युक्तियुक्तकरण के तहत पदस्थापना एवं छात्रावास अधीक्षकों की पदस्थापना के संबंध में निर्देश जारी किया है पत्र मैं उल्लेखित है कि म.प्र. शासन जनजातीय कार्य विभाग मंत्रालय भोपाल का आदेश क्रमांक 1/1/41/0010/2025/ED-ESTB-CTD/E-717340 दिनांक 21.08.2025। 2. आपका पत्र क्रमांक/ज.ज.क.वि./स्था./2025/1248 दिनांक 23.08.20251विषयांकित संदर्भित पत्र क्रमांक 02 द्वारा जिला स्तर से जारी किये गये स्थानांतरण आदेश, युक्तियुक्तकरण एवं छात्रावास अधीक्षकों की पदस्थापना के संबंध में शासन के संदर्भित आदेश दिनांक 21.08.2025 पर पुनर्विचार करने एवं मार्गदर्शन प्रदान करने का अनुरोध किया गया है।उक्त पत्र में उल्लेखित विषयों का बिन्दुवार परीक्षण किया गया, परीक्षण में पायी गयी वस्तुस्थिति प्राचार्य एवं उच्च माध्यमिक शिक्षकों के जिले के अंदर स्थानांतरण करने के संबंध में आपके पत्र में यह उल्लेख है कि स्थानांतरण प्रस्ताव सूची को तत्समय पदस्थ सहायक आयुक्त संतोष शुक्ला द्वारा नियमानुसार परीक्षण कर जिला कलेक्टर एवं प्रभारी मंत्री को अवगत कराया जाना था, जो उनके द्वारा नहीं किया गया। इस विषय के संबंध में लेख है कि यदि संतोष शुक्ला द्वारा नियमानुसार परीक्षण नहीं कर प्रस्तुत किया गया है तो संबंधित के विरुद्ध प्रशासनिक कार्यवाही हेतु प्रस्ताव सक्षम अधिकारी को प्रस्तुत किया जाना चाहिए किंतु विषय के संबंध में सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा जारी स्थानांतरण नीति 2025 का उल्लंघन होने के कारण शासन स्तर से स्थानांतरण निरस्त किये किये हैं। अतः पुनर्विचार की आवश्यकता नहीं है।
संदर्भित पत्र क्रमांक 02 में प्रशासकीय स्थानांतरण की संख्या/प्रतिशत को ही स्थानांतरण की श्रेणी में मानते हुए गणना की गई है। इसमें युक्तियुक्तकरण एवं अधीक्षकों की पदस्थापना की संख्या को शामिल नहीं किया गया है। वस्तुतः शिक्षकों के युक्तियुक्तकरण एवं अधीक्षकों की पदस्थापना संबंधी विभागीय निर्देश, सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा जारी वृहद स्थानांतरण नीति के अंतर्गत ही प्रयोग किए जा सकते हैं। इस प्रकार प्रशासकीय स्थानांतरण, युक्तियुक्तकरण एवं अधीक्षकों की पदस्थापना की संख्या स्थानांतरण नीति के तहत अनुमन्य संख्या से अधिक नहीं हो सकती। इस आधार पर ही शासन स्तर से संदर्भित आदेश क्रमांक 01 जारी किया गया है। अतः पुनर्विचार की आवश्यकता नहीं है।
शिक्षकों के युक्तियुक्तकरण संबंधी आदेश दिनांक 03.07.2025 को जारी किए गए हैं। स्थानांतरण नीति 2025 की कंडिका 31 में लेख है कि ‘जिन कार्यालयों में निर्धारित मापदण्ड से अधिक स्टाफ है उसे अन्यत्र स्थानांतरित कर युक्तियुक्तकरण किया जावे अर्थात् युक्तियुक्तकरण की कार्यवाही स्थानांतरण प्रतिबंध शिथिल अवधि अर्थात् दिनांक 17.06.2025 के पूर्व ही की जाना थी। इस प्रकार नीति की उपरोक्त कण्डिका का उल्लंघन किया गया है। इसके साथ ही शिक्षकों के युक्तियुक्तकरण संबंधी निर्देश दिनांक 27.08.2024 में प्रावधानित है कि युक्तियुक्तकरण से पूर्व अतिशेष घोषित करने की कार्यवाही की जाए तथा संबंधित को सुनवाई का अवसर प्रदान करते हुए विकल्प प्राप्त किया जाए। उक्त प्रावधान का जिला स्तर से जारी आदेश में पालन नहीं किया गया है फलतः अनेक न्यायालयीन प्रकरण उद्भुत हुए हैं। अतः पुनर्विचार की आवश्यकता नहीं है।
जिला स्तर से 139 छात्रावास अधीक्षकों की पदस्थापना आदेश दिनांक 11.07.2025 को जारी किया गया है। अधीक्षकों की पदस्थापना संबंधी विभागीय निर्देश दिनांक 16.03.2015 एवं दिनांक 13.09.2017 को सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा जारी स्थानांतरण नीति के प्रावधानों से पृथक् (Isolation) अर्थान्वयन नहीं किया जा सकता। स्थानांतरण नीति के तहत प्रतिबंध शिथिल अवधि अर्थात् दिनांक 17.06.2025 के पूर्व ही उक्त पदस्थापनाएं की जा सकती थी। इसके अतिरिक्त अधीक्षकों की पदस्थापना संबंधी विभागीय निर्देश दिनांक 16.03.2015 के सुसंगत प्रावधानों का पालन नहीं किया गया जिसका उल्लेख शासन आदेश दिनांक 21.08.2025 में पूर्व में किया जा चुका है। अतः पुनर्विचार की आवश्यकता नहीं है।
उपरोक्त आधार पर समग्र रूप से परीक्षण उपरान्त मध्यप्रदेश शासन जनजातीय कार्य विभाग के आदेश क्रमांक 1/1/41/0010/2025/ED-ESTB-CTD/E-717340 दिनांक 21.08.2025 से स्थानांतरण आदेश, युक्तियुक्तकरण एवं छात्रावास अधीक्षकों की पदस्थापना की कार्यवाही को निरस्त करने एवं पुनः कार्यवाही करने के निर्णय को यथावत् रखा जाता है।











