Home Breaking E - Paper Video Join
होम राज्य मध्यप्रदेश छत्तीसगढ़़ क्राइम न्यूज इंटरनेशनल न्यूज कोर्ट न्यूज राजनीति संसदीय संपादकीय अर्थ जगत हेल्थ शिक्षा खेल विज्ञान

119 लाख खर्च, फिर भी प्यासे बैगा… हैंडपंप बंद, नल-जल योजना ठप्प,नाले का पानी पीने मजबूर बैगा

Kashi Agrawal

डिंडौरी।आदिवासी बाहुल्य डिंडोरी जिले में विशेष संरक्षित बैगा जनजाति के लोग आज भी बुनियादी सुविधाओं से वंचित हैं। हालात यह हैं कि मेहंदवानी विकासखंड मुख्यालय से मात्र 5 किमी दूर खाल्हे डुलहरी गांव के ग्रामीण भरी बारिश में दूषित बरसाती नाले का पानी पीने को मजबूर हैं।

🚱 योजना के बावजूद प्यासे ग्रामीण

ग्रामीणों ने बताया कि गांव में जल जीवन मिशन के तहत लाखों रुपये खर्च कर पानी की टंकी बनाई गई। 119.31 लाख रुपये की लागत से टंकी और पाइप लाइन तो तैयार हो गई, मगर पानी अब तक नसीब नहीं हुआ। नतीजा यह है कि ग्रामीण आज भी खेतों से आने वाले बरसाती नाले का पानी पीने पर विवश हैं।

🛑 हैंडपंप भी हुए बेकार

गांव में दो-तीन हैंडपंप भी लगे हैं, लेकिन वे महीनों से खराब पड़े हैं। कई बार अधिकारियों को शिकायत करने के बावजूद अब तक कोई सुधार नहीं हुआ।

⚠️ दूषित पानी से स्वास्थ्य पर खतरा

ग्रामीणों का कहना है कि मजबूरी में वे नाले का पानी पी रहे हैं। वहीं सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मेहंदवानी के डॉक्टर चंद्रशेखर ने चेतावनी दी है कि बरसात के दिनों में नाले का पानी पीना बेहद खतरनाक है, इससे हैजा, डायरिया और अन्य जलजनित बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है।

🗣️ जिम्मेदारों का बयान

जिले के कार्यपालन यंत्री ने बताया कि गांव में पानी का कोई स्थायी स्रोत नहीं है। पानी का सोर्स तलाशने के लिए सर्वे कराया जा रहा है और जल्द ही ग्रामीणों को पेयजल उपलब्ध कराया जाएगा।

❓ अब सवाल यह है…

केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी योजना “हर घर जल” पर लाखों रुपये खर्च होने के बावजूद जब बैगा जनजाति जैसे संरक्षित समुदाय के लोग दूषित पानी पीने को मजबूर हैं, तो यह योजना आखिर किसके लिए है? अब देखना होगा कि ग्रामीणों को शुद्ध पानी कब तक मिल पाता है।

 

About Author
Right-clicking is disabled.