डिंडोरी।नगर परिषद शहपुरा क्षेत्र अंतर्गत NH-45E पर किए जा रहे डिवाइडर निर्माण कार्य को लेकर गंभीर तकनीकी अनियमितताओं, सुरक्षा मानकों की अनदेखी और भ्रष्टाचार के आरोप सामने आए हैं। मामले को लेकर नगर के पूर्व अध्यक्ष राजेश गुप्ता द्वारा नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग, भोपाल के नाम का ज्ञापन शहपुरा CMO को सौंपते हुए उच्चस्तरीय जांच की मांग की गई है।
ज्ञापन में कहा गया है कि बिना रोड-मैप, उचित प्लानिंग और DPR के अनुरूप कार्य किए बिना ही डिवाइडर का निर्माण कराया जा रहा है। डिवाइडर की ऊंचाई मानकों के विपरीत बताई गई है, जिससे दृश्यता (Visibility) प्रभावित हो रही है और दुर्घटनाओं की आशंका बढ़ गई है। नालियों व पुलियों का निर्माण किए बिना ही डिवाइडर खड़ा कर दिया गया, जिससे सड़क पर आवागमन बाधित हो रहा है।
शहर के प्रमुख चौराहों, बस स्टैंड और शहीद स्मारक चौक जैसे संवेदनशील स्थानों पर तकनीकी रूप से गलत डिवाइडर निर्माण के कारण वाहनों को यू-टर्न लेने में भारी परेशानी हो रही है। विद्युतीकरण कार्य में लगाए गए डबल पोल और उनके गलत स्थान चयन को भी भविष्य की दुर्घटनाओं का कारण बताया गया है।
ज्ञापन में यह भी आरोप लगाया गया है कि स्थानीय स्तर पर शिकायतों के बावजूद राजनीतिक दबाव के चलते कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है। DPR के विपरीत कार्य होने की आशंका जताते हुए भोपाल से विशेषज्ञों की तकनीकी टीम द्वारा जांच कराने, मानकविहीन कार्य पर भुगतान रोकने और जिम्मेदार अधिकारियों व ठेकेदारों पर कार्रवाई की मांग की गई है।साथ ही मांग की गई है कि जब तक पुलियों व नालियों का निर्माण पूर्ण न हो जाए, तब तक डिवाइडर निर्माण कार्य तत्काल रोका जाए और जनसुरक्षा को प्राथमिकता दी जाए।मामले ने नगर में प्रशासनिक कार्यप्रणाली और सड़क सुरक्षा को लेकर नई बहस छेड़ दी है।










