Home Breaking E - Paper Video Join
होम राज्य मध्यप्रदेश छत्तीसगढ़़ क्राइम न्यूज इंटरनेशनल न्यूज कोर्ट न्यूज राजनीति संसदीय संपादकीय अर्थ जगत हेल्थ शिक्षा खेल विज्ञान

6 माह में आधा सैकड़ा मवेशियों का बाघिन और तेंदुए ने किया शिकार, बाघिन की मौजूदगी से ग्रामीणों में दहशत, वन अमला लगातार कर रहा है निगरानी.. मवेशी मालिकों को किया जा रहा है मुआवजा राशि का भुगतान ,वन परिक्षेत्र डिंडोरी और शाहपुर के जंगलों में हो रहा लगातार मूवमेंट

Kashi Agrawal

डिंडौरी जिले के वन परिक्षेत्र डिंडोरी और शाहपुर के जंगल में पिछले छह माह से एक बाघिन ने डेरा डाला हुआ है। दोनों रेंज में चहलकदमी करके बाघिन अगस्त महीने से अब तक बडी तदाद में मवेशियों का शिकार करके लगातार अपनी उपस्थिति दर्ज करवा रही है। वहीं इस क्षेत्र में तेंदुआ की भी मौजूदगी दर्ज की गई है जिसके द्वारा परिक्षेत्र अंतर्गत मवेशियों को अपना शिकार बनाया गया है। बाघिन के इस मूवमेंट से जहां ग्रामीणों में दहशत का माहौल बना हुआ है, वहीं तेंदुआ की उपस्थिति भी ग्रामीणों को भयभीत किये हुये हैं। हालांकि वन विशेषज्ञ बाघिन की मौजूदगी को पर्यावरण और जंगल के लिये शुभ लक्षण करार दे रहे हैं। जानकारी के मुताबिक बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व से सटे जिले के जंगल मे टाइगर फैमिली का आना जाना लगा रहता है। लेकिन इस बार बाघिन की लंबी उपस्थिति से जानकार भी हैरान हैं और बड़े वन्य जीवों के लिये जंगल की अनुकूल परिस्थितियों की तारीफ भी कर रहे हैं। बतलाया गया कि दोनों परिक्षेत्र में तेंदुआ का मूवमेंट भी लंबे समय से है। इस बीच सुखद खबर यह है कि मवेशियों के नुकसान पर वन अमला फौरन ही मुआवजा प्रकरण तैयार करके राहत राशि मुहैया करवा रहा है। जिससे असंतोष और अप्रिय स्थिति निर्मित नहीं हो पा रही है। इसके साथ ही बाघ की उपस्थिति तथा तेंदुआ के मूवमेंट की जानकारी वन विभाग द्वारा स्थापित किये गये टेªप कैमरों में दर्ज की जा रही है। दोनों जानवरों ने अब तक किसी भी व्यक्ति पर हमला नहीं किया है जिससे जनहानि नहीं हुई है। वन अमले द्वारा इलाके में लगातार निगरानी की जा रही है जिससे इन जानवरों को किसी तरह की क्षति न पहुंचाई जा सके।
प्रकरण दर्ज मुआवजा कार्रवाई जारी
वन परिक्षेत्र डिंडौरी अंतर्गत माह अगस्त से दिसम्बर 2025 तक 38 मुआवजा प्रकरण दर्ज किये गये हैं जिनमें अधिकतर प्रकरणों का निराकरण के साथ मवेशी मालिकों को मुआवजा राशि भी प्रदान कर दी गई है। कुछ मामले जांच हेतु परिक्षेत्र सहायक स्तर पर लंबित हैं जिनको भी जांच प्रक्रिया के बाद मवेशी मालिकों को मुआवजा प्रदान किया जायेगा। वन परिक्षेत्र अंतर्गत बाघ और तेंदुए के द्वारा मवेशियों का शिकार किया गया है जिसमें निर्धारित मापदंड के अनुसार मवेशी मालिकों को मुआवजा प्रदान किया जा रहा है। अधिकतर शिकार के मामले गोरखपुर बीट के कक्ष क्रमांक 192 और 193 में दर्ज किये गये हैं जिसमें कुल 11 प्रकरण हैं।
बाघ के द्वारा माह दिसम्बर तक किये गये शिकार
माह अगस्त से बाघिन की मौजूदगी दर्ज किये जाने के बाद परिक्षेत्र में दिसम्बर माह तक गोरखपुर बीट के कक्ष क्रमांक 192, 193 में कुल 7 मवेशियों का अपना निवाला बनाया है, नेवसा बीट क्रमांक 239 में 1, गोपालपुर बीट क्रमांक 199 में 4, भरवई बीट क्रमांक 196 और 198 में 4, रानी बुढार बीट क्रमांक 188 और 189 में 4, सारसताल बीट क्रमांक 188 में 1, उमरधा बीट क्रमांक 183 में 1, मवेशी का बाघिन द्वारा शिकार किया गया है। इसके अलावा बतलाया गया कि विगत दिवस शनिवार को गोपालपुर बीट अंतर्गत भी एक मवेशी को अपना निवाला बनाया गया है। जिसकी जानकारी वन परिक्षेत्र अधिकारी को दे दी गई है जिसका भी प्रकरण दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
तेंदुआ ने भी बनाया निवाला
बाघिन की मौजूदगी के साथ तेंदुआ की भी उपस्थिति है जिसके द्वारा लगातार मवेशियों का शिकार किया जा रहा है। जिसमें दुनिया बघाड कक्ष क्रमांक 180 में 1, देवकरा कक्ष क्रमांक 243 में 1, परासी कक्ष क्रमांक 210 में 1, भवरखंडी कक्ष क्रमांक 217, 219 और 220 में 4, राम्हेपुर कक्ष क्रमांक 182 में 1, रानी बुढार कक्ष क्रमांक 188 में 1, नारायणडीह कक्ष क्रमांक 201 में 3, अखडार कक्ष क्रमांक 216 में 1, गोरखपुर कक्ष क्रमांक 192 एवं 193 में 2, और दुनिया बघाड कक्ष क्रमांक 180 में तेंदुए ने 1 मवेशी को अपना निशाना बनाया है। लगातार क्षेत्र में दोनों जानवरों का मूवमेंट जारी है और वन अमला इन पर नजर बनाए हुए है। इसके साथ ही वन विभाग द्वारा लगातार क्षेत्र में मुनादी करवाकर ग्रामीणों को एहतियात बरतने की सलाह दे रहे हैं, साथ ही अपनी मवेशियों को जंगल न ले जाने की भी हिदायत जारी की जा रही है।

About Author
Recommended
Right-clicking is disabled.