डिंडोरी।बजाग सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में आयोजित नसबंदी शिविर में स्वास्थ्य अमले की गंभीर लापरवाही सामने आई है। आरोप है कि महिलाओं को पहले शिविर में बुलाया गया, बेहोशी का इंजेक्शन भी लगाया गया, लेकिन बाद में “कोटा फुल” होने का हवाला देकर बिना ऑपरेशन के ही उन्हें वापस लौटा दिया गया।
शिविर में पहुंची महिलाओं का कहना है कि सुबह से उन्हें अस्पताल में बैठाकर रखा गया। कई महिलाओं को इंजेक्शन देकर ऑपरेशन की तैयारी भी कराई गई, लेकिन शाम होते-होते अचानक बताया गया कि ऑपरेशन नहीं होगा और उन्हें घर लौटने को कह दिया गया। इस दौरान कुछ महिलाएं बेहोशी की हालत में ही अस्पताल परिसर में पड़ी रहीं।
परिजनों का आरोप है कि बेहोशी की स्थिति में महिलाओं को न तो उचित देखरेख मिली और न ही घर लौटने के लिए कोई व्यवस्था की गई। छोटे बच्चों और परिजनों के साथ महिलाएं घंटों परेशान होती रहीं।
महिलाओं ने बताया कि शिविर में लगभग 80 महिलाओं का पंजीयन किया गया था, लेकिन करीब 30–35 महिलाओं का ही ऑपरेशन किया गया। शेष महिलाओं को बिना किसी पूर्व सूचना के लौटा दिया गया, जिससे उनकी तबीयत बिगड़ गई।
मामले को लेकर स्थानीय लोगों में आक्रोश है और स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो रहे हैं। ग्रामीणों ने पूरे मामले की जांच कर दोषियों पर कार्रवाई की मांग की है।











