डिण्डौरी।जिले के शहपुरा वन परिक्षेत्र अंतर्गत स्थित राष्ट्रीय जीवाश्म उद्यान घुघुवा में वन विभाग द्वारा “अनुभूति कार्यक्रम” का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों एवं आगंतुकों को प्रकृति, जैव-विविधता तथा जीवाश्मों के महत्व से प्रत्यक्ष रूप से परिचित कराना रहा।इस कार्यक्रम में शहपुरा के सांदीपनि विद्यालय सहित जिले के चार विद्यालयों के लगभग 120 विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की। विद्यार्थियों को राष्ट्रीय जीवाश्म उद्यान का भ्रमण कराते हुए यहां मौजूद लाखों वर्ष पुराने जीवाश्मों, वनस्पतियों तथा जैव-विविधता के संरक्षण के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई।

कार्यक्रम में वन मंडलाधिकारी (DFO) अशोक सोलंकी, मुख्य वन संरक्षक (CCF) भारतीय वन अनुसंधान संस्थान (SFRI) जबलपुर के प्रदीप वासुदेवा सहित वन विभाग का अमला मौजूद रहा। अधिकारियों ने विद्यार्थियों को राष्ट्रीय जीवाश्म उद्यान की विशेषताओं, संरक्षण गतिविधियों और पर्यावरण संरक्षण की आवश्यकता पर प्रकाश डाला।
कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों के लिए प्रकृति आधारित गतिविधियों के साथ-साथ चित्रकला प्रतियोगिता का भी आयोजन किया गया। इस प्रतियोगिता में कक्षा 6वीं की छात्रा फायहा खान ने प्रथम स्थान प्राप्त कर उत्कृष्ट प्रतिभा का प्रदर्शन किया। उनकी इस उपलब्धि पर कार्यक्रम में उपस्थित अतिथियों द्वारा उन्हें पुरस्कार प्रदान कर सम्मानित किया गया।
वन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि “अनुभूति कार्यक्रम” जैसे आयोजनों से बच्चों में पर्यावरण के प्रति जागरूकता बढ़ती है तथा भावी पीढ़ी को प्राकृतिक धरोहरों के संरक्षण के लिए प्रेरणा मिलती है।
इनका कहना है –
“अनुभूति कार्यक्रम के माध्यम से बच्चों को प्रकृति और जीवाश्मों के महत्व से जोड़ा जा रहा है, जिससे उनमें पर्यावरण संरक्षण की भावना विकसित हो।”_अशोक सोलंकी, डीएफओ, वन विभाग डिण्डौरी
“राष्ट्रीय जीवाश्म उद्यान हमारी अमूल्य प्राकृतिक विरासत है। ऐसे कार्यक्रम विद्यार्थियों को संरक्षण के प्रति जागरूक और जिम्मेदार बनाते हैं।”_प्रदीप वासुदेवा, सीसीएफ (SFRI), वन विभाग जबलपुर











